फाइटर विमान पायलट बने हर्षित
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नगर के निवासी हर्षित बोरा यूएस नेवल एयर स्टेशन किंग्सविल यूएसए में फाइटर विमान के पायलट का प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय नौ सेना के फाइटर विमान पायलट बन गए हैं। दो साल चार माह के फाइटर विमान पायलट के प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन कोमोडोर चयन सूची में हुआ है। बीते दिनों यूएसए में हुए समारोह में कोमोडोर जीजे पटेनौडे, कमांडेंट यूएस नेवल एयर स्टेशन किंग्सविल, यूएसए और भारतीय नौ सेना के कोमोडोर सनदीप मेहता आदि ने हर्षित को प्रमाण पत्र प्रदान किया। समारोह में मौजूद हर्षित के पिता हयात सिंह बोरा ने पुत्र को विंग्स ऑफ गोल्ड लगाया।
बिष्टा कूड़ा निवासी भारतीय सेना से अवकाश प्राप्त अधिकारी हयात सिंह बोरा के पुत्र भारतीय नौ सेना में लेफ्टिनेंट कमांडर हर्षित बोरा की प्रारंभिक पढ़ाई यहां कूर्मांचल एकेडमी में हुई। उसके बाद छठी से 12वीं तक की पढ़ाई उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल में की। 2007 में वह एनडीए में चुन लिए गए। इस बीच लेफ्टिनेंट कमांडर बनने के बाद उन्हें दो साल चार माह के फाइटर विमान पायलट के विशेष प्रशिक्षण के लिए यूएसए भेजा गया था। हाल ही में उन्होंने यह प्रशिक्षण सफलता पूर्वक पूरा कर लिया। 24 फरवरी को यूएस नेवल एयर स्टेशन किंग्सविल यूएसए में आयोजित गोल्डन विंग समारोह में हर्षित के पिता हयात सिंह बोरा ने अपने पुत्र के सीने में विंग्स ऑफ गोल्ड लगाया।
समारोह के तुरंत बाद हर्षित का नाम कोमोडोर चयन सूची में चयनित होने की घोषणा की गई और उनको कोमोडोर जीजे पटेनौडे, कमांडेंट यूएस नेवल एयर स्टेशन किंग्सविल, यूएसए और भारतीय नौ सेना के कोमोडोर सनदीप मेहता, नेवल एटैची, भारतीय राजदूतावास वाशिंगटन, डीसी द्वारा प्रमाण पत्र दिया गया। इस मौके पर उनके पिता हयात सिंह बोरा को भी यूएसए बुलाया गया था। श्री बोरा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर हर्षित का कोमोडोर सूची में चयन हुआ है। हर्षित के पिता को 15 फरवरी को अंतिम सोलो टेस्ट फ्लाइट की उड़ान भरने और लैडिंग देखने का सौभाग्य भी मिला। मूल रूप से चंपावत जिले के खेतीखान के रहने वाले हर्षित की माता सुशीला बोरा कन्या इंटर कालेज बाड़ेछीना से प्रधानाचार्या पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। हर्षित ने सफलता का श्रेय माता, पिता, गुरुजनों को दिया है।