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‘खेती को बचाने वाले प्रतिनिधि को ही वोट दें’
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Tue, 20 Dec 2016 10:47 PM IST
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महिलाओं के साथ बैठक करतीं एकता परिषद की सदस्य।
- फोटो : अमर उजाला
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महिला एकता परिषद के बैनर तले द्वाराहाट ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता पदयात्रा जारी है। वलना, बेढुली, कुई, कांडे सहित तमाम स्थानों पर महिलाओं ने पर्वतीय क्षेत्र की खेती को बचाने वाले प्रतिनिधि को ही वोट देने का आह्वान किया। कहा कि बंदर, सुअरों ने पहाड़ की कृषि व्यवस्था की कमर तोड़कर रख दी है। दूसरा चरण भिकियासैंण से शुरू होगा।
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महिला एकता परिषद की सचिव मधुबाला कांडपाल के नेतृत्व में वलना, बेढुली, सुनाड़ी, कुई, नौरी, कांडे, रणा, बाड़ी, सिमलगांव और बयेड़ा आदि स्थानों पर पद यात्रा निकाली गई। यहां हुई बैठकों में बंजर होते खेतों पर चिंता जताई गई। महिलाओं ने कहा कि बंदर, सुअरों ने खेती किसानी की कमर तोड़कर रख दी है। 20 साल पहले तक खेत सोना उगलते थे, लेकिन अब जंगली जानवरों ने कृषि व्यवस्था को चौपट कर दिया है। लोग खेती बाड़ी से विमुख हो रहे हैं, लेकिन जनप्रतिनिधियों को इससे कोई सरोकार नहीं रह गया है। बैठक में सरकारी शिक्षा व्यवस्था के गिरते पर भी चिंता जताई गई। कहा कि चुनाव में उसी व्यक्ति को वोट दिया जाएगा जो ग्रामीण परिवेश को समझे, महि
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लाओं का सम्मान करे और बंदर, सुअरों से निजात दिलाने का लिखित आश्वासन दे। कहा कि प्रतिनिधि ऐसा चुना जाएगा जो हरेला, उत्तरायणी आदि पर्वों का महत्व समझे। पर्वों के नाम पर एक व्यक्ति को पुरस्कृत करने की परंपरा ठीक नहीं है। तय हुआ कि दूसरा चरण भिकियासैंण विकासखंड मे शुरू होगा। इस दौरान क्षेत्र की तमाम महिलाए मौजूद थीं।
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