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धरती पर हर प्रकार की जैव विविधता को बचाना होगा : उमादेवी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Tue, 02 Feb 2021 11:27 PM IST
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Every type of biodiversity on earth has to be saved: Umadevi
गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल में हुए वर्चुअल सम्मेलन में सं? - फोटो : ALMORA
अल्मोड़ा। पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की अपर सचिव बीवी उमादेवी ने कहा कि हमें धरती पर हर प्रकार के जीवन और जैव विविधता को बचाने और उसके समझने के प्रयास करने होंगे।
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अपर सचिव उमा देवी मंगलवार को यहां गोविंद बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल में जैव विविधता संरक्षण और प्रबंधन विषय पर हुए राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के छठे वर्चुअल शोधार्थी सम्मेलन को बतौर मुख्य अतिथि संबंधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जैव विविधता के क्षेत्र में वृहद और प्रासंगिक विषयों का चयन कर शोधार्थी इस प्रकार के शोध प्रस्तुत करें तो देश दुनिया में नीति निर्माण में सहायक हो सकते हैं।
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संस्थान के निदेशक डॉ. आरएस रावल ने शोधार्थियों से वैश्विक स्तर के शोध कार्यों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कहा कि उत्तरपूर्व के राज्यों में शोध कार्यों का प्रतिशत अच्छा है, लेकिन वैश्विक स्तर पर शोध पत्र प्रकाशन में हम अभी भी पीछे हैं। उन्होंने वानिकी और गैर वानिकी जैव विविधता क्षेत्रों की जानकारी दी। राष्ट्रीय हिमालयी अध्ययन मिशन के नोडल अधिकारी किरीट कुमार ने बताया कि हिमालयी राज्यों के युवा शोधार्थियों को हिमालयन फेलोशिप देकर लगातार गुणवत्तापूर्ण शोध कार्यों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
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2016 से अब तक 175 से अधिक हिमालय फेलोशिप जारी हो चुकी है। इसमें हिमालयी राज्यों के 30 से अधिक संस्थानों से युवा वैज्ञानिक शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 119 से अधिक फेलोशिप पूरी हो गई है और इस वर्ष की 56 पूरी होने वाली हैं। 46 युवा इस क्षेत्र में पीएचडी उपाधि भी प्राप्त कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि मिशन की ओर से सर्वाधिक 107 फेलोशिप जैव विविधता संरक्षण और प्रबंधन के क्षेत्र में दी गई हैं। अब तक मिशन के तहत 10 प्रकार के डेटाबेस को भी तैयार किया जा चुका है। संचालन परियोजना वैज्ञानिक सैयद रौउल्ला अली ने किया। यहां संस्थान के डॉ. रंजन जोशी, आशुतोष तिवारी, पुनीत सिराड़ी, आशीष जोशी, योगेश परिहार आदि मौजूद थे।
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