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बिजली ने रुलाया, पानी भी नहीं आया
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अल्मोड़ा के लक्ष्मेश्वर अधिशासी अभियंता कार्यालय प्रांगण में नारेबाजी करते हड़ताली बिजली कर्म
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा/बागेश्वर/रानीखेत। ऊर्जा निगम के कर्मियों की 14 सूत्री मांगों को लेकर हुई हड़ताल से दोनों ही जिलों की आबादी परेशान रही। सुबह से ही कर्मियों की हड़ताल के कारण कई जगह बिजली सप्लाई ठप होनी शुरू हो गई। दोनों ही जिलों के कई हिस्सों में सुबह छह बजे से ही बिजली गुल हो गई। बिजली नहीं आने से व्यापारी वर्ग को काफी नुकसान झेलना पड़ा। कई बच्चे मोबाइल रीचार्ज न होने से ऑनलाइन पढ़ाई नहीं कर सके। उधर, देर शाम देहरादून में कैबिनेट मंत्री से वार्ता के बाद बिजली कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने की घोषणा के कुछ देर बाद बिजली आने से लोगों ने राहत की सांस ली है।
अल्मोड़ा में कार्य बहिष्कार कर विद्युत कर्मी लक्ष्मेश्वर स्थित ईई कार्यालय प्रांगण में एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से ऊर्जा के तीनों निगमों के कर्मचारियों और पेशनरों की सभी लंबित चौदह सूत्री समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मांगों को लेकर सरकार से 22 दिसंबर 2017 को समझौता हुआ था पर तीन वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी शासनादेश निर्गत नहीं हुआ है। इसके बाद मोर्चा को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने विभाग के कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, उपनल के माध्यम से तैनात संविदा कार्मिकों को नियमित करने और नियमितीकरण की कार्रवाई होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की। कहा कि उपनल के माध्यम से संविदा पर कार्य कर रहे कार्मिकों को वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता और रात्रि पाली भत्ता भी मिलना चाहिए। टीजी-द्वितीय से अवर अभियंता के पदों पर पदोन्नति देने, अवर अभियंताओं को एक जनवरी 2006 से 48000 रुपये ग्रेड वेतन देने, राज्य के तीनों ऊर्जा निगमों का एकीकरण करने आदि मांगें उठाई। प्रदर्शन में अक्षय राहुल, हिमांशु गोस्वामी, जीवन चिलवाल, हर्ष रावत, मनोज भट्ट, अंकित साह, प्रमोद बिष्ट, अमित कुमार आदि शामिल हुए।
वहीं रानीखेत में भी विद्युत वितरण खंड के अधिकारी, कर्मचारियों ने यहां कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कहा कि सरकार लगातार विद्युत कर्मियों की मांगों की उपेक्षा कर रही है। वहां महीप बिष्ट, एमएस रौतेला, राजेंद्र बेलवाल, आरके गयाल, हेम चंद्र, हरदयाल सिंह अधिकारी, रमेश चंद्र, जानकी जोशी आदि थे। उधर, बागेश्वर में सोमवार आधी रात से बिजली कर्मचारियों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। मंगलवार को विद्युत वितरण खंड के कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर चंदन बिष्ट, संजय कुमार, ललित मोहन सिंह, मीरा रौतेला, कमलेश तिवाड़ी, जीवन जोशी, मनीष गर्ग आदि मौजूद रहे। हड़ताल की वजह से मंगलवार को सुबह करीब पौने आठ बजे शामा क्षेत्र की बिजली कट गई, जिससे बिचला दानुपर के एक दर्जन से अधिक गांवों में परेशानी उत्पन्न हो गई। सुबह नौ बजे जिला मुख्यालय के मंडलसेरा, बालीघाट, तहसील रोड आदि स्थानों की बिजली आपूर्ति ठप हुई। साढ़े 11 बजे रवांईखाल क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सवा बारह बजे कांडा और दुग नाकुरी तहसील के गांवों की बिजली आपूर्ति भी कट गई। दोपहर ढाई बजे से नगर के अन्य इलाकों की बिजली भी गुल हो गई है। हड़ताली कर्मचारियों ने लाइनों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति बहाल करने से साफ इनकार किया है। जिसके कारण लोगों की परेशानी में इजाफा होना तय है। इधर ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडेय ने बताया कि आधे जिले में फिलहाल बिजली गुुल है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फिलहाल लाइनों की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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सभी कार्मिक गए हैं हड़ताल पर
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिवीजन में बिजली कर्मचारियों के अलावा के दो एसडीओ, पांच अवर अभियंता पर हड़ताल पर चले रहे हैं। हालांकि डिवीजन के अंतर्गत अभी कहीं बिजली खराबी की सूचना नहीं है। इधर जल संस्थान के सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि पंप हाउसों को बिजली की आपूर्ति सुचारु बनी हुई है और लगातार पानी की पंपिंग की जा रही है।
यदि बिजली लाइनों में खराबी आती है तो ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे श्रमिकों के माध्यम से लाइनों को दुरुस्त करवाया जाएगा। - कन्हैया जी मिश्रा, ईई, विद्युत वितरण खंड, अल्मोड़ा।
भिकियासैंण में भी बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
भिकियासैंण। विद्युत वितरण खंड भिकियासैंण के नियमित, संविदा, उपनल और एसएचजी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों ने चौदह सूत्री मांगों को लेकर खंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। वहां राजेंद्र सिंह बिष्ट, चंदन सिंह कठायत, कैलाश पांडे, एनसी तिवारी, महिपाल सिंह, मदन मोहन आदि थे।
तीन पंपिंग योजनाओं से पानी की आपूर्ति हुई बाधित
बागेश्वर। जिले में बिजली गुल होने का सीधा असर पंपिंग पेयजल योजनाओं पर पड़ा है। कठायतबाड़ा पेयजल योजना, धूराफाट पेयजल योजना और कपकोट पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। जिसके कारण बागेश्वर ब्लॉक में 25 हजार से अधिक और कपकोट ब्लॉक में आठ हजार से अधिक लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जल संस्थान के एई सीएस देवड़ी ने बताया कि सुबह तक सभी पंपिंग योजनायओं से पानी की आपूर्ति हो रही थी। बिजली गुल होने के बाद योजनाओं से पानी की आपूंर्ति ठप है। कहा कि जब तक बिजली बहाल नहीं होगी, पेयजल आपूर्ति भी सुचारु नहीं की जा सकेगी।
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अल्मोड़ा में कार्य बहिष्कार कर विद्युत कर्मी लक्ष्मेश्वर स्थित ईई कार्यालय प्रांगण में एकत्र हुए और जमकर नारेबाजी की। उन्होंने सरकार से ऊर्जा के तीनों निगमों के कर्मचारियों और पेशनरों की सभी लंबित चौदह सूत्री समस्याओं के समाधान की मांग उठाई। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि मांगों को लेकर सरकार से 22 दिसंबर 2017 को समझौता हुआ था पर तीन वर्ष से अधिक समय होने के बाद भी शासनादेश निर्गत नहीं हुआ है। इसके बाद मोर्चा को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उन्होंने विभाग के कार्मिकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने, उपनल के माध्यम से तैनात संविदा कार्मिकों को नियमित करने और नियमितीकरण की कार्रवाई होने तक समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग की। कहा कि उपनल के माध्यम से संविदा पर कार्य कर रहे कार्मिकों को वर्ष में दो बार महंगाई भत्ता और रात्रि पाली भत्ता भी मिलना चाहिए। टीजी-द्वितीय से अवर अभियंता के पदों पर पदोन्नति देने, अवर अभियंताओं को एक जनवरी 2006 से 48000 रुपये ग्रेड वेतन देने, राज्य के तीनों ऊर्जा निगमों का एकीकरण करने आदि मांगें उठाई। प्रदर्शन में अक्षय राहुल, हिमांशु गोस्वामी, जीवन चिलवाल, हर्ष रावत, मनोज भट्ट, अंकित साह, प्रमोद बिष्ट, अमित कुमार आदि शामिल हुए।
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वहीं रानीखेत में भी विद्युत वितरण खंड के अधिकारी, कर्मचारियों ने यहां कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कहा कि सरकार लगातार विद्युत कर्मियों की मांगों की उपेक्षा कर रही है। वहां महीप बिष्ट, एमएस रौतेला, राजेंद्र बेलवाल, आरके गयाल, हेम चंद्र, हरदयाल सिंह अधिकारी, रमेश चंद्र, जानकी जोशी आदि थे। उधर, बागेश्वर में सोमवार आधी रात से बिजली कर्मचारियों ने 14 सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। मंगलवार को विद्युत वितरण खंड के कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर चंदन बिष्ट, संजय कुमार, ललित मोहन सिंह, मीरा रौतेला, कमलेश तिवाड़ी, जीवन जोशी, मनीष गर्ग आदि मौजूद रहे। हड़ताल की वजह से मंगलवार को सुबह करीब पौने आठ बजे शामा क्षेत्र की बिजली कट गई, जिससे बिचला दानुपर के एक दर्जन से अधिक गांवों में परेशानी उत्पन्न हो गई। सुबह नौ बजे जिला मुख्यालय के मंडलसेरा, बालीघाट, तहसील रोड आदि स्थानों की बिजली आपूर्ति ठप हुई। साढ़े 11 बजे रवांईखाल क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सवा बारह बजे कांडा और दुग नाकुरी तहसील के गांवों की बिजली आपूर्ति भी कट गई। दोपहर ढाई बजे से नगर के अन्य इलाकों की बिजली भी गुल हो गई है। हड़ताली कर्मचारियों ने लाइनों की मरम्मत और बिजली आपूर्ति बहाल करने से साफ इनकार किया है। जिसके कारण लोगों की परेशानी में इजाफा होना तय है। इधर ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडेय ने बताया कि आधे जिले में फिलहाल बिजली गुुल है। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते फिलहाल लाइनों की मरम्मत नहीं हो पा रही है।
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सभी कार्मिक गए हैं हड़ताल पर
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिवीजन में बिजली कर्मचारियों के अलावा के दो एसडीओ, पांच अवर अभियंता पर हड़ताल पर चले रहे हैं। हालांकि डिवीजन के अंतर्गत अभी कहीं बिजली खराबी की सूचना नहीं है। इधर जल संस्थान के सहायक अभियंता मुकेश कुमार ने बताया कि पंप हाउसों को बिजली की आपूर्ति सुचारु बनी हुई है और लगातार पानी की पंपिंग की जा रही है।
यदि बिजली लाइनों में खराबी आती है तो ठेकेदार के अधीन कार्य कर रहे श्रमिकों के माध्यम से लाइनों को दुरुस्त करवाया जाएगा। - कन्हैया जी मिश्रा, ईई, विद्युत वितरण खंड, अल्मोड़ा।
भिकियासैंण में भी बिजली कर्मियों ने किया प्रदर्शन
भिकियासैंण। विद्युत वितरण खंड भिकियासैंण के नियमित, संविदा, उपनल और एसएचजी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों ने चौदह सूत्री मांगों को लेकर खंड कार्यालय में धरना प्रदर्शन किया। वहां राजेंद्र सिंह बिष्ट, चंदन सिंह कठायत, कैलाश पांडे, एनसी तिवारी, महिपाल सिंह, मदन मोहन आदि थे।
तीन पंपिंग योजनाओं से पानी की आपूर्ति हुई बाधित
बागेश्वर। जिले में बिजली गुल होने का सीधा असर पंपिंग पेयजल योजनाओं पर पड़ा है। कठायतबाड़ा पेयजल योजना, धूराफाट पेयजल योजना और कपकोट पेयजल योजना से पानी की आपूर्ति ठप हो गई है। जिसके कारण बागेश्वर ब्लॉक में 25 हजार से अधिक और कपकोट ब्लॉक में आठ हजार से अधिक लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इधर, जल संस्थान के एई सीएस देवड़ी ने बताया कि सुबह तक सभी पंपिंग योजनायओं से पानी की आपूर्ति हो रही थी। बिजली गुल होने के बाद योजनाओं से पानी की आपूंर्ति ठप है। कहा कि जब तक बिजली बहाल नहीं होगी, पेयजल आपूर्ति भी सुचारु नहीं की जा सकेगी।