{"_id":"581f6d0b4f1c1b8553b374bd","slug":"dress-for-school-district-received-2-06-crore","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल ड्रेस के लिए जिले को मिले 2.06 करोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल ड्रेस के लिए जिले को मिले 2.06 करोड़
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 06 Nov 2016 11:18 PM IST
विज्ञापन
रुपए
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। सरकारी प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में अध्ययनरत सभी छात्राओं समेत बीपीएल, एससी, एसटी वर्ग के 51576 विद्यार्थियों को सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) से दो-दो जोड़ी स्कूल ड्रेस मिलेगी। सरकार ने स्कूल ड्रेस के लिए जिले को 2.06 करोड़ रुपए आवंटित कर दिए हैं।
विज्ञापन
एसएसए के माध्यम से सरकार कक्षा एक से आठवीं तक पढ़ने वाले एपीएल छात्रों को छोड़कर बाकी सभी विद्यार्थियों को निशुल्क स्कूल ड्रेस दिलाती है। इन वर्गों के प्रत्येक विद्यार्थियों को 400 रुपए में दो जोड़ी स्कूल ड्रेस खरीदने के लिए स्कूलों को धनराशि दी जाती है।
विज्ञापन
शिक्षक ड्रेस खरीदकर बच्चों को उपलब्ध कराते हैं। एसएसए के अंतर्गत मिलने वाले बजट में केंद्र सरकार का 90 फीसदी और राज्य सरकार का 10 फीसदी अंशदान होता है। चालू शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ था, लेकिन सात माह तक बच्चों को स्कूल ड्रेस के लिए शासन से बजट नहीं मिला था।
विज्ञापन
कई बच्चे को बगैर ड्रेस के ही स्कूल पहुंच रहे हैं। जिले में सरकारी स्कूलों के कक्षा एक से आठ तक के 51576 बच्चों को ड्रेस दी जानी है। इनमें सभी वर्ग की छात्राओं समेत बीपीएल, एससी, एसटी वर्ग के छात्र भी शामिल हैं।
शासन से अब जिले को ड्रेस मद में 206.30 लाख रुपए अवमुक्त हो गए हैं। एसएसए के वित्त अधिकारी अमित त्रिपाठी ने बताया कि ड्रेस का बजट स्कूलों के खातों में भेज दिया गया है। स्कूलों को जल्द बच्चों को ड्रेस उपलब्ध कराने को कहा गया है।
अल्मोड़ा। एसएसए से सरकारी प्राथमिक, जूनियर हाईस्कूलों को विद्यालय विकास अनुदान और लघु मरम्मत के लिए पैसा मिलता है, लेकिन चालू शिक्षा सत्र में यह पैसा विभाग को नहीं मिला है। स्कूल विकास अनुदान में प्राथमिक स्कूलों को पांच हजार, जूनियर हाईस्कूलों सात हजार, जबकि लघु मरम्मत कार्य के लिए तीन कक्षों के स्कूल को पांच हजार रुपए, इससे अधिक कक्ष होने पर 10 हजार रुपए मिलते हैं, लेकिन इस मद में विभाग को बजट आवंटित नहीं हुआ है। इसके लिए विभाग ने शासन से 2.10 करोड़ की मांग की है।