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धूराफाट क्षेत्र की तकदीर नहीं संवर सकी
ब्यूरो, अमर उजाला रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Wed, 05 Oct 2016 12:00 AM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। तहसील मुख्यालय से 35 किमी की दूरी पर स्थित धूराफाट क्षेत्र की तकदीर नहीं संवर सकी है। क्षेत्र के लिए न तो अच्छी सड़कें हैं और ना ही पीने के पानी की उचित व्यवस्था। खतरनाक सड़कों से ग्रामीण जान हथेली पर रखकर गुजरते हैं। सब्जी उत्पादन के लिए मशहूर इस क्षेत्र के काश्तकारों को उत्पादों का उचित लाभ नहीं मिल पाता। ग्रामीण कहते हैं कि दमदार राजनीतिक नेतृत्व के अभाव में क्षेत्र का विकास ठप है।
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धूराफाट क्षेत्र के लिए 1982 में रीची-भुजान सड़क स्वीकृत हुई। 35 किमी इस मार्ग में 2004 में डामरीकरण हुआ, लेकिन एक साल में ही डामर उखड़ गया। इसके बाद भी कई बार सुधारीकरण के लिए धन स्वीकृत हुआ, लेकिन धन का सदुपयोग नहीं हो सका। सड़क पर जगह-जगह, गड्ढे बने हुए हैं, कई स्थानों पर पहाड़ खिसक रहे हैं, इस बार भी इसके लिए बजट स्वीकृत हुआ है, लेकिन अभी तक मार्ग के सुधारीकरण का काम शुरू नहीं हो सका है।
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इस क्षेत्र में मिर्च सहित तमाम सब्जियों का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है, लेकिन गांवों तक सड़क सुविधा नहीं होने के कारण उत्पादों का लाभ नहीं मिल पा रहा है। क्षेत्र में पानी की भारी समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से कोसी पंपिंग योजना स्वीकृत है, लेकिन इस योजना से इजरुवा, खाईखेत, मनारी, लछीना, नावली सहित कई गांवों को वंचित कर दिया गया है।
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ग्रामीण पारंपरिक पेयजल स्रोतों पर निर्भर होकर रह गए हैं। नवयुवक मंगल दल के अध्यक्ष पंकज मेहरा, कमलेश नेगी, नरायण सिंह, भगवत सिंह, जगदीश बिष्ट, रविंद्र मेहरा, दिनेश नेगी, चंदन बिष्ट, प्रेम मेहरा आदि का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री के चलते ग्रामीण युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है, इस पर रोक लगनी चाहिए।