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Almora News: 400 साल पुराने धनेटा बद्रीनाथ मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु
Fri, 12 Jun 2026 12:57 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 12 Jun 2026 12:57 AM IST
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स्याल्दे (अल्मोड़ा)। चौकोट क्षेत्र के मल्ला धनेटा गांव में करीब 400 वर्ष पुराने पौराणिक बद्रीनाथ मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान एवं भंडारे का आयोजन श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इसमें क्षेत्र सहित अन्य राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
बता दें कि बद्रीनाथ धाम (चमोली) के पुजारी ध्यानी समुदाय के कुछ वंशज प्राचीन काल में धनेटा आकर बस गए थे और उन्होंने यहां अपने आराध्य भगवान बद्री मंदिर की स्थापना की। तब से यह मंदिर ध्यानी समुदाय की देखरेख में संचालित हो रहा है और क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सुबह से पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। आचार्य शंकर दत्त बौड़ाई ने विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराए। मुख्य यजमान नंदा बल्लभ ध्यानी एवं उनकी धर्मपत्नी तथा गोपाल दत्त ध्यानी मौजूद रहे। दूसरे दिन आयोजित महाभंडारे में 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु यहां मन्नत पूर्ण होने पर भंडारा देने पहुंचे।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक महेश जीना, दायित्वधारी कैलाश पंत, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट और ब्लॉक प्रमुख मथुरा दत्त आदि शामिल हुए।
सोमनाथेश्वर मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। मासी स्थित सोमनाथेश्वर मंदिर में बृहस्पतिवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। बाबा हिमाचल गिरी के सानिध्य में आयोजित अनुष्ठान में बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा मंदिर से शुरू होकर मासी बाजार और भूमिया मंदिर होते हुए रामगंगा नदी पहुंची जहां से श्रद्धालु पवित्र जल लेकर लौटे। इस दौरान जयकारों और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा व्यास प्रदीप फुलोरिया ने प्रथम दिवस की कथा सुनाई। आयोजन समिति के अनुसार कथा का आयोजन फुलोरिया परिवार के सौजन्य से किया जा रहा है।संवाद
श्रीमद्भागवत कथा से पहले निकली कलशयात्रा
नुमाइशखेत मैदान में वैदिक मंत्रोच्चार से शुरू हुई कथा
बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पहले बृहस्पतिवार को ढोल-नगाड़ों के साथ राधा-कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई।
पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं कलश यात्रा में शामिल हुईं। पिंडारी रोड से होकर कलशयात्रा सरयू घाट से होते हुए नुमाइशखेत पहुंची। नुमाइश खेत मैदान में कथा व्यास का आयोजन समिति ने भव्य स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथावाचक बृजेश गोस्वामी ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन का कल्याण होता है और मानसिक शांति मिलती है।
मुख्य यजमान मदन लाल अग्रवाल ने भक्तों को अधिक संख्या में पहुंचकर कथा सुनने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कथा का समापन 18 जून को हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा। इस मौके पर संतोष देवी, मंजू अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, हर्षित अग्रवाल, हर्षित गोयल, दीपक अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
फोटाे 11 बीजीएस 01 पी
जोशीखोला में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन उमड़ी भीड़
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। जोशीखोला क्षेत्र के ग्राम बले में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठे दिन कथा व्यास मनोज कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और मानव जीवन में धर्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने का माध्यम है। इस दौरान पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन भी हुए। मुख्य यजमान प्रकाश चंद्र जोशी, हरीश चंद्र जोशी, पंकज जोशी, भास्कर जोशी, दिनेश जोशी, दीप जोशी, कमल जोशी, मनोज जोशी और तनुज जोशी आदि रहे। संवाद
बास्ती में भागवत कथा के अंतिम दिन भंडारे का आयोजन
बागेश्वर। बास्ती में आयोजित श्रीमद्भागवत का समापन हो गया है। कथावाचक भरत कांडपाल ने मंत्रोच्चारण कर भक्तों ने हवन यज्ञ कर आहुति दी। आसपास के गांवों से आए भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में अपना सहयोग देकर पुण्य कमाया। हवन के बाद विशाल भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर मुख्य यजमान जीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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बता दें कि बद्रीनाथ धाम (चमोली) के पुजारी ध्यानी समुदाय के कुछ वंशज प्राचीन काल में धनेटा आकर बस गए थे और उन्होंने यहां अपने आराध्य भगवान बद्री मंदिर की स्थापना की। तब से यह मंदिर ध्यानी समुदाय की देखरेख में संचालित हो रहा है और क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।
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मंदिर में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में सुबह से पूजा-अर्चना, मंत्रोच्चार और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। आचार्य शंकर दत्त बौड़ाई ने विधि-विधान से अनुष्ठान संपन्न कराए। मुख्य यजमान नंदा बल्लभ ध्यानी एवं उनकी धर्मपत्नी तथा गोपाल दत्त ध्यानी मौजूद रहे। दूसरे दिन आयोजित महाभंडारे में 3000 से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालु यहां मन्नत पूर्ण होने पर भंडारा देने पहुंचे।
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कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक महेश जीना, दायित्वधारी कैलाश पंत, भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट और ब्लॉक प्रमुख मथुरा दत्त आदि शामिल हुए।
सोमनाथेश्वर मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। मासी स्थित सोमनाथेश्वर मंदिर में बृहस्पतिवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। बाबा हिमाचल गिरी के सानिध्य में आयोजित अनुष्ठान में बड़ी संख्या में महिलाओं और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा मंदिर से शुरू होकर मासी बाजार और भूमिया मंदिर होते हुए रामगंगा नदी पहुंची जहां से श्रद्धालु पवित्र जल लेकर लौटे। इस दौरान जयकारों और भजन-कीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कथा व्यास प्रदीप फुलोरिया ने प्रथम दिवस की कथा सुनाई। आयोजन समिति के अनुसार कथा का आयोजन फुलोरिया परिवार के सौजन्य से किया जा रहा है।संवाद
श्रीमद्भागवत कथा से पहले निकली कलशयात्रा
नुमाइशखेत मैदान में वैदिक मंत्रोच्चार से शुरू हुई कथा
बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा से पहले बृहस्पतिवार को ढोल-नगाड़ों के साथ राधा-कृष्ण मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई।
पारंपरिक वेशभूषा में महिलाएं कलश यात्रा में शामिल हुईं। पिंडारी रोड से होकर कलशयात्रा सरयू घाट से होते हुए नुमाइशखेत पहुंची। नुमाइश खेत मैदान में कथा व्यास का आयोजन समिति ने भव्य स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। कथावाचक बृजेश गोस्वामी ने कहा कि भागवत कथा के श्रवण से मनुष्य के जीवन का कल्याण होता है और मानसिक शांति मिलती है।
मुख्य यजमान मदन लाल अग्रवाल ने भक्तों को अधिक संख्या में पहुंचकर कथा सुनने की अपील की है। उन्होंने बताया कि कथा का समापन 18 जून को हवन-पूजन और विशाल भंडारे के साथ होगा। इस मौके पर संतोष देवी, मंजू अग्रवाल, मोनिका अग्रवाल, हर्षित अग्रवाल, हर्षित गोयल, दीपक अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल आदि मौजूद रहे। संवाद
फोटाे 11 बीजीएस 01 पी
जोशीखोला में श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन उमड़ी भीड़
सोमेश्वर (अल्मोड़ा)। जोशीखोला क्षेत्र के ग्राम बले में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठे दिन कथा व्यास मनोज कृष्ण शास्त्री ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और मानव जीवन में धर्म के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश देने का माध्यम है। इस दौरान पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन भी हुए। मुख्य यजमान प्रकाश चंद्र जोशी, हरीश चंद्र जोशी, पंकज जोशी, भास्कर जोशी, दिनेश जोशी, दीप जोशी, कमल जोशी, मनोज जोशी और तनुज जोशी आदि रहे। संवाद
बास्ती में भागवत कथा के अंतिम दिन भंडारे का आयोजन
बागेश्वर। बास्ती में आयोजित श्रीमद्भागवत का समापन हो गया है। कथावाचक भरत कांडपाल ने मंत्रोच्चारण कर भक्तों ने हवन यज्ञ कर आहुति दी। आसपास के गांवों से आए भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने यज्ञ में अपना सहयोग देकर पुण्य कमाया। हवन के बाद विशाल भंडारे में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर मुख्य यजमान जीत सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद