{"_id":"5b4b95394f1c1b4e748b4ff1","slug":"demand-for-displaced-displaced-old-villagers-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपदाग्रस्त बूढ़ाधार के ग्रामीणों को जल्द विस्थापित करने की मांग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपदाग्रस्त बूढ़ाधार के ग्रामीणों को जल्द विस्थापित करने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Mon, 16 Jul 2018 12:10 AM IST
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धर्म निरपेक्ष युवा मंच के सदस्यों ने गांव चलो अभियान के तहत भैसियाछाना ब्लाक के आपदा ग्रस्त अति संवेदनशील गांव बूढ़ाधार का भ्रमण किया। इस मौके पर हुई बैठक में वक्ताओं ने आपदा के मद्देनजर ग्रामीणों को जल्द विस्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हमेशा खतरा बना रहता है। इस कारण वह रातभर सो नहीं पाते हैं।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि भू गर्भ की टीम गांव में आई थी जिसने बूढ़ाधार को अत्यधिक संवेदनशील बताया था। ग्रामीण 2010 से विस्थापन की मांग करते आ रहे हैं लेकिन अब तक विस्थापन नहीं किया गया है। आनंद राम ने बताया कि मकानों तथा छतों में दरार पड़ गई हैं। बरसात में यह कभी ध्वस्त हो सकते हैं। भनुली देवी, रेखा देवी, तुलसी देवी ने बताया कि खतरे के कारण वह रात भर सो नहीं पाती है और पहरा देकर बच्चों की सुरक्षा करती हैं। किशन राम, जगदीश राम ने कहा कि 2010 की आपदा के समय तत्कालीन जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को पुनर्वास का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक पुनर्वास नहीं किया गया है।
क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन सेराघाट-तरमोली मोटर मार्ग के पत्थर गांव में गिर रहे हैं। जिससे खतरा बना हुआ है। बैठक में संयोजक विनय किरौला, निरंजन पांडे, अमित चौधरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार, किशन राम, जगदीश राम, साजन राम, आनंद राम, तुलसी देवी, रेख देवी, मनुली देवी, कमल जोशी, भगवती देवी आदि मौजूद थे।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने कहा कि भू गर्भ की टीम गांव में आई थी जिसने बूढ़ाधार को अत्यधिक संवेदनशील बताया था। ग्रामीण 2010 से विस्थापन की मांग करते आ रहे हैं लेकिन अब तक विस्थापन नहीं किया गया है। आनंद राम ने बताया कि मकानों तथा छतों में दरार पड़ गई हैं। बरसात में यह कभी ध्वस्त हो सकते हैं। भनुली देवी, रेखा देवी, तुलसी देवी ने बताया कि खतरे के कारण वह रात भर सो नहीं पाती है और पहरा देकर बच्चों की सुरक्षा करती हैं। किशन राम, जगदीश राम ने कहा कि 2010 की आपदा के समय तत्कालीन जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को पुनर्वास का आश्वासन दिया था लेकिन अब तक पुनर्वास नहीं किया गया है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार ने बताया कि निर्माणाधीन सेराघाट-तरमोली मोटर मार्ग के पत्थर गांव में गिर रहे हैं। जिससे खतरा बना हुआ है। बैठक में संयोजक विनय किरौला, निरंजन पांडे, अमित चौधरी, क्षेत्र पंचायत सदस्य संतोष कुमार, किशन राम, जगदीश राम, साजन राम, आनंद राम, तुलसी देवी, रेख देवी, मनुली देवी, कमल जोशी, भगवती देवी आदि मौजूद थे।
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