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प्रसूता के बाद प्रीमेच्योर नवजात ने भी तोड़ा दम
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अल्मोड़ा। रविवार रात जिला अस्पताल में भर्ती रेफर प्रसूता की मौत के बाद सोमवार की सुबह प्रीमेच्योर नवजात शिशु ने भी दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम के बाद प्रसूता का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
धौलादेवी ब्लॉक के भैसाड़ी निवासी नवीन प्रसाद की गर्भवती पत्नी ललिता (25) का प्रसव धौलादेवी के अस्पताल में कराया गया था, लेकिन सातवें माह में ही प्रीमेच्योर प्रसव के चलते बच्चे का वजन काफी कम था। महिला की तबियत भी बिगड़ गई थी। प्रसव के बाद नवजात और प्रसूता को हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजन दोनों को महिला अस्पताल लाए। प्रसूता को आईसीयू की जरूरत थी। इसके चलते दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। परिजनों ने हायर सेंटर जाने में असमर्थता जताई थी। इसलिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रसूता का उपचार किया जा रहा था लेकिन आईसीयू के अभाव में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई थी। नाजुक हालत देखते हुए देर रात प्रीमेच्योर बच्चे को भी महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। इधर सोमवार सुबह नवजात ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का वजन काफी कम था। तहसीलदार संजय कुमार कोहली ने बताया कि सोमवार को पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद प्रसूता का शव परिजनों सौंप दिया गया।
आईसीयू की व्यवस्था होती दो बच सकती थी दोनों की जान
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के अस्पतालों में आईसीयू की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके चलते मरीजों को अक्सर हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। रविवार रात भी यदि प्रसूता को समय पर अल्मोड़ा के अस्पतालों में ही आईसीयू मिल पाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। जिला अस्पताल में लंबे समय से चार बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का कार्य चल रहा है लेकिन अस्पताल में आईसीयू शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल में आईसीयू न होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार शाम भी आईसीयू के अभाव में ही प्रसूता को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा था।
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धौलादेवी ब्लॉक के भैसाड़ी निवासी नवीन प्रसाद की गर्भवती पत्नी ललिता (25) का प्रसव धौलादेवी के अस्पताल में कराया गया था, लेकिन सातवें माह में ही प्रीमेच्योर प्रसव के चलते बच्चे का वजन काफी कम था। महिला की तबियत भी बिगड़ गई थी। प्रसव के बाद नवजात और प्रसूता को हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजन दोनों को महिला अस्पताल लाए। प्रसूता को आईसीयू की जरूरत थी। इसके चलते दोनों को हायर सेंटर रेफर कर दिया गया था। परिजनों ने हायर सेंटर जाने में असमर्थता जताई थी। इसलिए जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में प्रसूता का उपचार किया जा रहा था लेकिन आईसीयू के अभाव में उपचार के दौरान महिला की मौत हो गई थी। नाजुक हालत देखते हुए देर रात प्रीमेच्योर बच्चे को भी महिला अस्पताल में भर्ती किया गया। इधर सोमवार सुबह नवजात ने भी दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे का वजन काफी कम था। तहसीलदार संजय कुमार कोहली ने बताया कि सोमवार को पंचनामा, पोस्टमार्टम के बाद प्रसूता का शव परिजनों सौंप दिया गया।
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आईसीयू की व्यवस्था होती दो बच सकती थी दोनों की जान
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा के अस्पतालों में आईसीयू की व्यवस्था नहीं हो सकी है। इसके चलते मरीजों को अक्सर हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है। रविवार रात भी यदि प्रसूता को समय पर अल्मोड़ा के अस्पतालों में ही आईसीयू मिल पाता तो शायद उसकी जान बच सकती थी। जिला अस्पताल में लंबे समय से चार बेड का आईसीयू वार्ड बनाने का कार्य चल रहा है लेकिन अस्पताल में आईसीयू शुरू नहीं हो पाया है। अस्पताल में आईसीयू न होने से मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रविवार शाम भी आईसीयू के अभाव में ही प्रसूता को हायर सेंटर रेफर करना पड़ा था।
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