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Almora News: बाघ के रेस्क्यू के बाद भी नहीं टला खतरा
Fri, 04 Sep 2026 12:20 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 04 Sep 2026 12:20 AM IST
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मौलेखाल (अल्मोड़ा)। सल्ट विकासखंड की तड़म ग्रामसभा के भौनखाल क्षेत्र में एक बाघ के रेस्क्यू के बाद भी वन्यजीवों का आतंक कम नहीं हुआ है। क्षेत्र में लगातार बाघ और तेंदुए की सक्रियता से ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है।
मंगलवार को चौरीआम तोक में पानी भरने गईं हंसी देवी ने नजदीक से बाघ की आवाज सुनी। इससे घबराकर वह बाल्टी छोड़कर घर की ओर दौड़ गईं। कुछ देर बाद धार के रास्ते पर दो अलग-अलग बाघ दिखाई दिए। कुछ दिन पूर्व तड़म के सतनिया में सीता देवी ने भी बाघ को अपनी ओर आते देखा था।
बुधवार को मैणाकोट निवासी दिल्ला राम और पटेल्यूगैर निवासी डीएस नेगी की बकरियों पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वहीं, तल्ला किचार और तड़ी गांव में भी बाघ और तेंदुए दिखाई देने तथा बकरियों को निवाला बनाने की घटनाएं सामने आई हैं।
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लगातार सामने आ रही वन्यजीवों की गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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मंगलवार को चौरीआम तोक में पानी भरने गईं हंसी देवी ने नजदीक से बाघ की आवाज सुनी। इससे घबराकर वह बाल्टी छोड़कर घर की ओर दौड़ गईं। कुछ देर बाद धार के रास्ते पर दो अलग-अलग बाघ दिखाई दिए। कुछ दिन पूर्व तड़म के सतनिया में सीता देवी ने भी बाघ को अपनी ओर आते देखा था।
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बुधवार को मैणाकोट निवासी दिल्ला राम और पटेल्यूगैर निवासी डीएस नेगी की बकरियों पर तेंदुए ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। वहीं, तल्ला किचार और तड़ी गांव में भी बाघ और तेंदुए दिखाई देने तथा बकरियों को निवाला बनाने की घटनाएं सामने आई हैं।
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लगातार सामने आ रही वन्यजीवों की गतिविधियों से ग्रामीणों में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, वन्यजीवों की गतिविधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।