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Almora News: रोडवेज बस में ठिठुर रहे यात्री और दावा आरामदायक सफर का
Thu, 19 Oct 2023 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 19 Oct 2023 11:52 PM IST
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अल्मोड़ा। जिले में ठंड बढ़ने लगी है। ऐसे में उत्तराखंड परिवहन निगम की बस में सफर करना यात्रियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अधिकतर बस की खिड़कियों के शीशे ढीले हो गए हैं। कुछ शीशे चटके भी हैं। इनसे बस में घुसकर सर्द हवाएं यात्रियों की परेशानी बढ़ा रहीं हैं। वहीं यात्री फटी सीट के बीच सफर करने के लिए मजबूर हैं। बावजूद इसके परिवहन निगम यात्रियों का सफर आरामदायक बनाने के दावे कर रहा है।
रोडवेज डिपो के बेड़े में शामिल 30 बस का संचालन देहरादून, लखनऊ, दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, हरिद्वार आदि शहरों के लिए रोजाना होता है, जिनमें 1,200 से अधिक यात्री सफर करते हैं। परिवहन निगम भी बेहतर सुविधा के दावे कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।
अल्मोड़ा की 20 से अधिक बस यात्रियों को आराम कम और दर्द अधिक दे रहीं हैं। जब इन बस की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई। अधिकतर बस में इनकी खिड़कियों के शीशे की पैकिंग क्षतिग्रस्त मिलीं, इससे सर्द हवा भीतर घुस रही है।
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हालात यह हैं कि हवा के तेज झोंकों से खिड़कियां खुल रहीं हैं, इससे यात्री परेशान हैं। वहीं अधिकतर बस की सीट फटी हैं, जिन पर यात्रियों को बैठाकर परिवहन निगम आरामदायक सफर के दावे कर रहा है।
18 बस पार कर रहीं हैं अपनी उम्र
अल्मोड़ा। रोडवेज डिपो में शामिल 18 बस पहाड़ी सड़कों पर अपनी उम्र पार कर रहीं हैं। दो माह बाद ये बस पहाड़ी सड़कों पर दौड़ाने के लिए उपयोग में नहीं लाई जा सकेंगी। अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव में ये बस अब यात्रियों और निगम का साथ छोड़ने लगी हैं। इनकी सीट और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हैं। इसके बाद भी निगम इनमें आरामदायक सफर का दावा कर रहा है।
सुविधाओं की कमी से यात्रा झेल रहे परेशानी
अल्मोड़ा। यहां माल रोड पर संग्रहालय के पास रोडवेज स्टेशन किराये के भवन में चल रहा है। वहां यात्रियों के पानी पीने के लिए एक्वागार्ड तक नहीं लगा है, इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शौचालयों की हालत भी ठीक नहीं है। इनके गंदगी से पटे होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए काठगोदाम स्थित निगम कार्यशाला भेजकर बस की फटी सीट बदली जा रही है। खिड़कियों को भी सुधारा जाएगा। - राजेंद्र कुमार, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।
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रोडवेज डिपो के बेड़े में शामिल 30 बस का संचालन देहरादून, लखनऊ, दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, हरिद्वार आदि शहरों के लिए रोजाना होता है, जिनमें 1,200 से अधिक यात्री सफर करते हैं। परिवहन निगम भी बेहतर सुविधा के दावे कर रहा है लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है।
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अल्मोड़ा की 20 से अधिक बस यात्रियों को आराम कम और दर्द अधिक दे रहीं हैं। जब इन बस की पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई। अधिकतर बस में इनकी खिड़कियों के शीशे की पैकिंग क्षतिग्रस्त मिलीं, इससे सर्द हवा भीतर घुस रही है।
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हालात यह हैं कि हवा के तेज झोंकों से खिड़कियां खुल रहीं हैं, इससे यात्री परेशान हैं। वहीं अधिकतर बस की सीट फटी हैं, जिन पर यात्रियों को बैठाकर परिवहन निगम आरामदायक सफर के दावे कर रहा है।
18 बस पार कर रहीं हैं अपनी उम्र
अल्मोड़ा। रोडवेज डिपो में शामिल 18 बस पहाड़ी सड़कों पर अपनी उम्र पार कर रहीं हैं। दो माह बाद ये बस पहाड़ी सड़कों पर दौड़ाने के लिए उपयोग में नहीं लाई जा सकेंगी। अपनी उम्र के अंतिम पड़ाव में ये बस अब यात्रियों और निगम का साथ छोड़ने लगी हैं। इनकी सीट और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हैं। इसके बाद भी निगम इनमें आरामदायक सफर का दावा कर रहा है।
सुविधाओं की कमी से यात्रा झेल रहे परेशानी
अल्मोड़ा। यहां माल रोड पर संग्रहालय के पास रोडवेज स्टेशन किराये के भवन में चल रहा है। वहां यात्रियों के पानी पीने के लिए एक्वागार्ड तक नहीं लगा है, इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। शौचालयों की हालत भी ठीक नहीं है। इनके गंदगी से पटे होने से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए काठगोदाम स्थित निगम कार्यशाला भेजकर बस की फटी सीट बदली जा रही है। खिड़कियों को भी सुधारा जाएगा। - राजेंद्र कुमार, सहायक महाप्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।