{"_id":"65f7465989baf670b6022f44","slug":"cultural-conservation-research-soon-almora-news-c-232-1-alm1001-109621-2024-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: लोकसंस्कृति संरक्षण में संचार माध्यमों की भूमिका पर होगा शोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: लोकसंस्कृति संरक्षण में संचार माध्यमों की भूमिका पर होगा शोध
Mon, 18 Mar 2024 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Mon, 18 Mar 2024 01:06 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत शोध के लिए पांच लाख रुपये हुए मंजूर
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के शोधार्थी लोकसंस्कृति संरक्षण में संचार माध्यमों की भूमिका पर शोध करेंगे। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत शोध कार्य पूरा करने के लिए पांच लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई है। शोधार्थी दो वर्षों में इस शोध को पूरा करेंगे।
एसएसजे विवि से संबद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार मानिला की प्रधान अन्वेशक डॉ. गार्गी लोहनी ने बताया कि शोधार्थी शोध के दौरान नई पीढ़ी को संस्कृति संरक्षण के लिए जागरूक भी करेंगे। वे झोड़ा, चांचरी, लोक गाथाओं और हुड़के की धुनों की वीडियोग्राफी करेंगे। शोध के दौरान हुड़का, मशकबीन, तुतरी आदि वाद्ययंत्रों की विलुप्ति के कारण भी तलाशे जाएंगे।
विज्ञापन
अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के शोधार्थी लोकसंस्कृति संरक्षण में संचार माध्यमों की भूमिका पर शोध करेंगे। मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के तहत शोध कार्य पूरा करने के लिए पांच लाख रुपये की स्वीकृति मिल गई है। शोधार्थी दो वर्षों में इस शोध को पूरा करेंगे।
एसएसजे विवि से संबद्ध स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार मानिला की प्रधान अन्वेशक डॉ. गार्गी लोहनी ने बताया कि शोधार्थी शोध के दौरान नई पीढ़ी को संस्कृति संरक्षण के लिए जागरूक भी करेंगे। वे झोड़ा, चांचरी, लोक गाथाओं और हुड़के की धुनों की वीडियोग्राफी करेंगे। शोध के दौरान हुड़का, मशकबीन, तुतरी आदि वाद्ययंत्रों की विलुप्ति के कारण भी तलाशे जाएंगे।
विज्ञापन