{"_id":"65565960a748055ca6011355","slug":"critical-care-blocks-of-50-beds-each-will-be-built-in-almora-and-pithoragarh-at-a-cost-of-rs-4750-crore-almora-news-c-232-1-alm1001-5011-2023-11-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में 47.50 करोड़ रुपये से बनेंगे 50-50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ में 47.50 करोड़ रुपये से बनेंगे 50-50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक
Thu, 16 Nov 2023 11:33 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 16 Nov 2023 11:33 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज अल्मोड़ा।
अल्मोड़ा। अब अल्मोड़ा के साथ ही पिथौरागढ़ के दिल के मरीजों की जान बचाने के लिए परिजनों को मैदानी क्षेत्रों की दौड़ नहीं लगानी होगी। दोनों जिले के मेडिकल कॉलेज में दिल के गंभीर रोगियों को हरसंभव उपचार उपलब्ध कराने के लिए 50-50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनेगा। इसके लिए 47.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के मेडिकल कॉलेज में दिल के गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराते हुए उनकी जान बचाने के लिए क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित होगा। एक मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण की लागत 23.75 करोड़ रुपये और क्षमता 50 बेड की होगी। केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। ब्रिडकुल को क्रिटिकल केयर ब्लॉक को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यदाई संस्था को जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर इसे शासन में भेजना होगा, इसके निर्देश जारी हुए हैं। क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से दिल के गंभीर रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलेगा और उन्हें हायर सेंटर की दौड़ लगाते हुए अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन की होगी तैनाती
अल्मोड़ा। क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित होने से दोनों मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन की तैनाती होगी। ब्लॉक में दिल के रोग संबंधी हर तरह की जांच होगी और स्थानीय स्तर पर समय रहते मरीज का ऑपरेशन भी हो सकेगा, इससे उसकी जान आफत में नहीं फंसेगी।
विज्ञापन
बढ़ रहा है दिल का मर्ज, उपचार के लिए डॉक्टर नहीं
अल्मोड़ा। शुद्ध आबोहवा के बीच पहाड़ों में दिल के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इनके उपचार के लिए अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक 22 माह में अल्मोड़ा में 195 और पिथौरागढ़ में 220 मरीज दिल के दर्द से जूझते हुए अस्पतालों में पहुंचे। दोनों जिलों में कार्डियोलॉजिस्ट न होने से 216 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। 62 मरीजों को हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही अपनी जान गंवानी पड़ी। हैरानी की बात यह है कि कार्डियोलॉजिस्ट न होने से फिजीशियन के भरोसे दिल के मरीजों का उपचार हो रहा है। ऐसे में दोनों जिले के मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक दिल के मरीजों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीपी भैंसोड़ा ने बताया कि अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित होगा, इसकी स्वीकृति मिली है। निश्चित तौर पर इससे दिल के गंभीर मरीजों को खासा लाभ मिलेगा।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ के मेडिकल कॉलेज में दिल के गंभीर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराते हुए उनकी जान बचाने के लिए क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित होगा। एक मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक निर्माण की लागत 23.75 करोड़ रुपये और क्षमता 50 बेड की होगी। केंद्र सरकार से इसकी स्वीकृति मिल चुकी है। ब्रिडकुल को क्रिटिकल केयर ब्लॉक को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यदाई संस्था को जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर इसे शासन में भेजना होगा, इसके निर्देश जारी हुए हैं। क्रिटिकल केयर यूनिट स्थापित होने से दिल के गंभीर रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिलेगा और उन्हें हायर सेंटर की दौड़ लगाते हुए अपनी जान नहीं गंवानी पड़ेगी।
विज्ञापन
कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन की होगी तैनाती
अल्मोड़ा। क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित होने से दोनों मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट और कार्डियक सर्जन की तैनाती होगी। ब्लॉक में दिल के रोग संबंधी हर तरह की जांच होगी और स्थानीय स्तर पर समय रहते मरीज का ऑपरेशन भी हो सकेगा, इससे उसकी जान आफत में नहीं फंसेगी।
विज्ञापन
बढ़ रहा है दिल का मर्ज, उपचार के लिए डॉक्टर नहीं
अल्मोड़ा। शुद्ध आबोहवा के बीच पहाड़ों में दिल के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, इनके उपचार के लिए अस्पतालों में डॉक्टर नहीं हैं। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 से अब तक 22 माह में अल्मोड़ा में 195 और पिथौरागढ़ में 220 मरीज दिल के दर्द से जूझते हुए अस्पतालों में पहुंचे। दोनों जिलों में कार्डियोलॉजिस्ट न होने से 216 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया। 62 मरीजों को हायर सेंटर पहुंचने से पहले ही अपनी जान गंवानी पड़ी। हैरानी की बात यह है कि कार्डियोलॉजिस्ट न होने से फिजीशियन के भरोसे दिल के मरीजों का उपचार हो रहा है। ऐसे में दोनों जिले के मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक दिल के मरीजों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीपी भैंसोड़ा ने बताया कि अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित होगा, इसकी स्वीकृति मिली है। निश्चित तौर पर इससे दिल के गंभीर मरीजों को खासा लाभ मिलेगा।