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चेक बाउंस होने पर एक साल की कैद
Fri, 08 Feb 2019 11:20 PM IST
दीपक नेगी
ब्यूरो/अमर उजाला/अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला/अल्मोड़ा।
Published by: दीपक नेगी
Updated Fri, 08 Feb 2019 11:20 PM IST
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनमोहन सिंह ने चेक बाउंस के मामले में धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 के अभियुक्त विशु बजाज पुत्र सुभाष चंद्र निवासी कुंदन नगर पांच वरीराय, गदरपुर (ऊधमसिंह नगर) को एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 14 लाख 2 हजार 648 रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माने की धनराशि में से 7 लाख 01 एक हजार 324 रुपये परिवादी कंपनी को प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं।
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मै. चोलामंडल इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लि. लिंक रोड थपलिया के पावर आफ अटार्नी मनोज सिंह ने शिकायत की थी कि विशु बजाज ने वाहन आयशर खरीदने के लिए कंपनी से नौ लाख 84 हजार 415 रुपये ऋण लिया। ऋण अदायगी के लिए उसने कंपनी के शाखा कार्यालय में एक्सिस बैंक रुद्रपुर शाखा का दिनांक 21 नवंबर 2016 का 701324 रुपये का चेक जमा किया।
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उसके खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने पर सात फरवरी 2017 को चेक बाउंस हो गया। कंपनी ने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को छह मार्च 2017 को नोटिस भेजा, इसके बाद भी आरोपी ने भुगतान नहीं किया।
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मामले का विचारण धारा-138 परक्राम्य लिखत अधिनियम 1881 में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में हुआ। न्यायालय ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनी और पत्रावली में उपलब्ध सभी मौखिक एवं दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन किया। न्यायालय में आरोपी पर दोष सिद्ध हो गया।