धोखेबाज को तीन साल की कैद
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अर्चना सागर ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पुलिस संचार विभाग में नौकरी पाने वाले धनेली निवासी अभियुक्त दर्शन कुमार भट्ट को तीन वर्ष का कठोर कारावास और तीन हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
दर्शन कुमार भट्ट पुत्र लोकमणि भट्ट निवासी ग्राम घनेली पटवारी क्षेत्र हवालबाग ने पुलिस संचार विभाग में चतुर्थ श्रेणी पद के लिए आवेदन भरा। उसने नैनीताल से शिक्षा प्राप्त करने के फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर 2007 में पुलिस संचार विभाग में चतुर्थ श्रेणी पद पर नौकरी पा ली, जबकि उसनेे अल्मोड़ा जिले से शिक्षा प्राप्त की थी।
दर्शन की वास्तविक जन्मतिथि तिथि आठ जनवरी 1972 थी, इसको छिपाते हुए उसने नैनीताल से सातवीं फेल का फर्जी प्रमाण पत्र बनाया। जन्म तिथि नौ नवंबर 1976 के आधार पर सातवीं फेल की फर्जी टीसी से नौकरी पा ली थी।
मामला सत्र न्यायालय के प्रतिपेषण पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के न्यायालय में आया। सहायक अभियोजन अधिकारी अरुण गौर ने न्यायालय में नौ गवाह परीक्षित कराए। मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य के आधार पर आरोपी दर्शन कुमार भट्ट को न्यायालय ने धारा 420, 471 में दोषी पाया।
न्यायालय ने आरोपी को धारा 420 में तीन वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार अर्थदंड, धारा 471 में तीन वर्ष का कठोर कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश सुनाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर क्रमश: 10 और सात दिन का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।