सीमांत गांवों के लोगों को होम स्टे से जुड़ने को प्रेरित करेंगे क्रिकेटर उन्मुक्त
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होम स्टे को सीमांत गांवों में रहने वाले लोगों की आय का प्रमुख जरिया बनाने के लिए कुमाऊं मंडल विकास निगम ने इस बार दारमा घाटी के दुग्तू, दातू, बालिंग और नांगलिंग गांवों में विशेष अभियान चलाकर लोगों के घरों में अच्छे शौचालय सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम शुरूकर दिया है। होम स्टे से जुड़े परिवारों को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। गांवों में रहने वाले लोगों को होम स्टे से जुड़ने को प्रेरित करने के लिए अंडर-19 क्रिकेट टीम के कैप्टन रह चुके उन्मुक्त चंद और वरिष्ठ साहित्यकार अशोक पांडे मंगलवार को दारमा घाटी पहुंच चुके हैं।
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने पिछले कई सालों से कुमाऊं में पर्यटन स्थलों के साथ ही सीमांत इलाकों में स्थित ट्रैकिंग रूटों से जुड़े गांवों में होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। होम स्टे में रुकने वाले पर्यटक जहां घर जैसे माहौल में रहकर स्थानीय परंपरा, संस्कृति से रूबरू होते हैं, वहीं उन्हें यहां के व्यंजनों का स्वाद चखने को मिलता है। होम स्टे से जुड़े लोगों के घरों में अच्छे शौचालय बनाने के साथ ही घरों में अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। सीजन में पंचाचूली और आसपास ट्रैकिंग पर जाने वाले पर्यटक इस बार दारमा घाटी के दुग्तू, दातू, बालिंग और नांगलिंग गांवों में होम स्टे के तहत लोगों के घरों पर ठहरेंगे।
केएमवीएन के एमडी धीराज गर्ब्याल ने बताया कि इन इलाकों में पर्यटकों के ठहरने के लिए वैसे भी कोई गेस्ट हाउस आदि उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए यहां होम स्टे विकसित होने पर पर्यटकों को भी सुविधा मिल सकेगी और स्थानीय लोगों की आय में इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि होम स्टे को बढ़ावा देने के लिए केएमवीएन योजना से जुड़े हर घर में रंग रोगन का काम भी करवा रहा है। दरवाजे, खिड़कियों में हल्का हरे रंग का पेंट किया जा रहा है। जबकि नेचुरल लुक देने के लिए घरों के भीतर मिट्टी के रंग की पुताई की जा रही है। स्थानीय मिट्टी, फेविकॉल और पानी से मिलाकर रंग तैयार किया जाता है। ताकि रंग लोगों के कपड़े खराब न करे। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोग शुरू में होम स्टे से जुड़ने पर रुचि नहीं दिखाते। इसे देखते हुए केएमवीएन के आग्रह पर मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के निवासी भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम के कैप्टन रह चुके उन्मुक्त चंद और वरिष्ठ साहित्यकार अशोक पांडे दारमा घाटी के भ्रमण पर निकले हैं। यह दोनों लोग मंगलवार को दारमा घाटी पहुंच चुके हैं। वह लोगों के बीच निशुल्क अभियान चलाकर होम स्टे के फायदे बताएंगे ताकि सीमांत क्षेत्र के लोग होम स्टे अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।