{"_id":"5e88b2a78ebc3e76ac0a9e98","slug":"corona-in-almora-almora-news-hld37923469","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाल के दिनों बाहर से आए हजारों लोग स्वस्थ रहे तो जिले के लिए होगा शुभ संकेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाल के दिनों बाहर से आए हजारों लोग स्वस्थ रहे तो जिले के लिए होगा शुभ संकेत
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अल्मोड़ा। पिछले तीन सप्ताह में मैदानी इलाकों से अल्मोड़ा जिले में प्रवेश करने वाले चार प्रमुख मोटर मार्गों से होकर जिले में करीब 10 हजार से अधिक लोग प्रवेश कर चुके हैं। यह सभी लोग इन दिनों में गांवों में निवास कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन ने ग्राम प्रधानों से इन लोगों के स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। हाल के दिनों में पहुंचे इन हजारों लोगों में इक्का-दुक्का भी संक्रमित हुए तो कोरोना के फैलने का भय बना रहेगा। यदि यह सभी लोग स्वस्थ पाए गए तो यह जिले के लिए शुभ संकेत होगा।
बता दें कि देश के बड़े शहरों में कोरोना पहुंचने के बाद से दिल्ली, मुंबई सहित अन्य नगरों में काम करने वाले पहाड़ के लोगों का घर लौटना शुरू हो गया था। करीब 20 मार्च से घर लौटने वाले लोगों की संख्या में काफी तेजी आ गई थी। 22 मार्च से प्रशासन ने मैदानी इलाकों से आने वाले मार्गों पर लोधिया (अल्मोड़ा), भुजान (रानीखेत), शहरफाटक और सल्ट के मोहान पर बैरियर बनाकर अल्मोड़ा जिले में प्रवेश करने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की। पता लगा है कि 22 मार्च से लेकर अब तक ही 11 हजार से अधिक लोग जिले की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। जबकि इससे पहले भी हजारों लोग अल्मोड़ा के गांवों में पहुंच चुके थे। इनमें से कुछ लोग बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के भी हो सकते हैं लेकिन इसके बावजूद दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों से बीते तीन हफ्तों में जिले में करीब 10 से 12 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में रह रहे इन लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। फिलहाल ग्राम प्रधानों से ही इनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। इन दिनों ग्रामीण इलाकों में रह रहे इन लोगों में संक्रमण नहीं पाया जाता है तो यह जिले के लिए अच्छा संकेत माना जाएगा लेकिन यदि आने वाले दिनों में बाहर से आए इन लोगों में इक्का दुक्का में भी कोरोना का संक्रमण उभरता है तो इससे दिक्कतें बढ़ेंगी।
हाल के दिनों में ग्रामीण इलाकों में पहुंचे लोगों के स्वास्थ्य पर विभिन्न माध्यमों से नजर रखी जा रही है। ग्राम प्रधानों से भी लगातार संपर्क रखा जा रहा है और बाहर से आए लोगों से क्वारंटीन में रहने को कहा जाता है। किसी व्यक्ति में कोरोना से मिलते जुलते लक्षण पाए जाने पर उनका तुरंत परीक्षण कराया जा रहा है। अब आशाओं के माध्यम से भी डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कराया जा रहा है।
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डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ अल्मोड़ा
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बता दें कि देश के बड़े शहरों में कोरोना पहुंचने के बाद से दिल्ली, मुंबई सहित अन्य नगरों में काम करने वाले पहाड़ के लोगों का घर लौटना शुरू हो गया था। करीब 20 मार्च से घर लौटने वाले लोगों की संख्या में काफी तेजी आ गई थी। 22 मार्च से प्रशासन ने मैदानी इलाकों से आने वाले मार्गों पर लोधिया (अल्मोड़ा), भुजान (रानीखेत), शहरफाटक और सल्ट के मोहान पर बैरियर बनाकर अल्मोड़ा जिले में प्रवेश करने वाले लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग शुरू की। पता लगा है कि 22 मार्च से लेकर अब तक ही 11 हजार से अधिक लोग जिले की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। जबकि इससे पहले भी हजारों लोग अल्मोड़ा के गांवों में पहुंच चुके थे। इनमें से कुछ लोग बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के भी हो सकते हैं लेकिन इसके बावजूद दिल्ली, मुंबई सहित अन्य शहरों से बीते तीन हफ्तों में जिले में करीब 10 से 12 हजार लोगों के पहुंचने का अनुमान है। दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में रह रहे इन लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण की फिलहाल कोई व्यवस्था नहीं है। फिलहाल ग्राम प्रधानों से ही इनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। इन दिनों ग्रामीण इलाकों में रह रहे इन लोगों में संक्रमण नहीं पाया जाता है तो यह जिले के लिए अच्छा संकेत माना जाएगा लेकिन यदि आने वाले दिनों में बाहर से आए इन लोगों में इक्का दुक्का में भी कोरोना का संक्रमण उभरता है तो इससे दिक्कतें बढ़ेंगी।
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हाल के दिनों में ग्रामीण इलाकों में पहुंचे लोगों के स्वास्थ्य पर विभिन्न माध्यमों से नजर रखी जा रही है। ग्राम प्रधानों से भी लगातार संपर्क रखा जा रहा है और बाहर से आए लोगों से क्वारंटीन में रहने को कहा जाता है। किसी व्यक्ति में कोरोना से मिलते जुलते लक्षण पाए जाने पर उनका तुरंत परीक्षण कराया जा रहा है। अब आशाओं के माध्यम से भी डोर-टू-डोर सर्वे शुरू कराया जा रहा है।
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डॉ. सविता ह्यांकी, सीएमओ अल्मोड़ा