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Almora News: रामनगर-रानीखेत हाईवे की दशा सुधारने को नहीं मिल रहे ठेकेदार
Thu, 13 Apr 2023 11:35 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 13 Apr 2023 11:35 PM IST
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रामनगर-रानीखेत हाईवे इस तरह बदहाल है, जिसके सुधारीकरण के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं।। संवाद
मौलेखाल (अल्मोड़ा)। एक तरफ सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के दावे हो रहे हैं। वहीं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नैनीताल से अल्मोड़ा जिले को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे पर डामरीकरण के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। 3.5 करोड़ से होने वाले हॉटमिक्स के लिए ठेकेदारों के हाथ पीछे खींचने से विभाग की चिंता बढ़ गई है। अब विभाग इसके लिए दोबारा टेंडर कराने में जुट गया है।
रामनगर-रानीखेत हाईवे सल्ट, भतरौंजखान, भिकियासैंण, रानीखेत सहित जिला मुख्यालय और यहां के कई पर्यटक स्थलों को जोड़ता है। इस सड़क पर वर्ष 2010 में डामरीकरण हुआ और तब से किसी ने इसकी तरफ मुड़कर नहीं देखा जबकि हाईवे पर हर पांच साल के बाद हॉटमिक्स करने का नियम है। 13 सालों तक दोबारा डामरीकरण न होने से यह सड़क बदहाल हो गई है और जगह-जगह गड्ढे होने से आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।
किसी तरह लंबे इंतजार के बाद लोनिवि ने इस हाईवे पर चौरीघट्टी से भतरौंजखान तक 20 किमी के दायरे में 3.50 करोड़ रुपये से हाईवे पर 25 एमएम मोटा हॉटमिक्स करने का निर्णय लिया लेकिन इसके लिए ठेकेदार मिलने मुश्किल हो गए हैं। बीते दिनों हॉटमिक्स के लिए दो बार टेंडर निकाले गए।
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पहली बार महज एक टेंडर मिलने से इसे निरस्त करना पड़ा। दोबारा हुई टेंडर प्रक्रिया में भी एक भी ठेकेदार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में परेशान विभाग फिर से टेंडर लगाने में जुट गया है। इन हालातों में ठेकेदारों की बेरुखी से विभाग के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरा गईं हैं तो इस बदहाल सड़क के जल्द सुधारीकरण की उम्मीद भी दम तोड़ रही है।
30 किमी सड़क पर हॉटमिक्स करने को 7 बार लगाने पड़े टेंडर
अल्मोड़ा। इस हाईवे पर किसी तरह 13 साल बाद हॉटमिक्स की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले चरण में मोहान से पनुवाद्योखन तक हॉटमिक्स कराने का विभाग ने निर्णय लिया। लेकिन इसके लिए भी विभाग को कठिन चुनौती से गुजरना पड़ा। यहां 30 किमी के हॉटमिक्स करने को विभाग के लिए ठेकेदार खोजने मुश्किल हुए। 7 बार टेंडर लगाने के बाद किसी तरह विभाग को ठेकेदार मिले, तब जाकर यहां हॉटमिक्स हो सका। अब तक हॉटमिक्स कर रहे ठेकेदार ने आगे के हिस्से में काम करने से साफ मना किया है, जिससे विभाग परेशान है।
हॉटमिक्स प्लांट बंद होना है बड़ी वजह
अल्मोड़ा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक हॉटमिक्स को लेकर क्षेत्र में नेतागिरी हावी है। लेकिन यहां हॉटमिक्स प्लांट बंद होना ठेकेदार न मिलने की बड़ी वजह है। पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से पूर्व में मरचूला में संचालित होने वाला हॉटिमिक्स प्लांट बंद हो गया है। वहीं सोनी के पास चल रहे प्लांट को लेकर भी क्षेत्र के लोगों व ठेकेदार के बीच विवाद होने से इसका संचालन भी ठप है। ऐसे में ठेकेदारों ने हॉटमिक्स के लिए टेंडर डालने से हाथ पीछे खींचे हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत बैठ चुके हैं धरने पर
अल्मोड़ा। इस सड़क की बदहाली के खिलाफ पूर्व सीएम हरीश रावत मोहान के पास गड्ढों के बीच धरने पर बैठ चुके हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह सड़क सालों से बदहाल है। जबकि इसे अब तक एक्सप्रेस-वे बन जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सीएम पुष्कर धामी के साथ फेसबुक के माध्यम से इस सड़क की बदहाली भी साझा की है।
रामनगर-रानीखेत हाईवे पर हॉटमिक्स करने के लिए ठेकेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हॉटमिक्स प्लांट का बंद होना भी इसकी वजह है। विभाग फिर से टेंडर लगाकर इसके सुधारीकरण का प्रयास कर रहा है। - ओंकार पांडे, ईई, प्रांतीय खंड, लोनिवि, रानीखेत।
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रामनगर-रानीखेत हाईवे सल्ट, भतरौंजखान, भिकियासैंण, रानीखेत सहित जिला मुख्यालय और यहां के कई पर्यटक स्थलों को जोड़ता है। इस सड़क पर वर्ष 2010 में डामरीकरण हुआ और तब से किसी ने इसकी तरफ मुड़कर नहीं देखा जबकि हाईवे पर हर पांच साल के बाद हॉटमिक्स करने का नियम है। 13 सालों तक दोबारा डामरीकरण न होने से यह सड़क बदहाल हो गई है और जगह-जगह गड्ढे होने से आवाजाही खतरनाक बनी हुई है।
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किसी तरह लंबे इंतजार के बाद लोनिवि ने इस हाईवे पर चौरीघट्टी से भतरौंजखान तक 20 किमी के दायरे में 3.50 करोड़ रुपये से हाईवे पर 25 एमएम मोटा हॉटमिक्स करने का निर्णय लिया लेकिन इसके लिए ठेकेदार मिलने मुश्किल हो गए हैं। बीते दिनों हॉटमिक्स के लिए दो बार टेंडर निकाले गए।
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पहली बार महज एक टेंडर मिलने से इसे निरस्त करना पड़ा। दोबारा हुई टेंडर प्रक्रिया में भी एक भी ठेकेदार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। ऐसे में परेशान विभाग फिर से टेंडर लगाने में जुट गया है। इन हालातों में ठेकेदारों की बेरुखी से विभाग के चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरा गईं हैं तो इस बदहाल सड़क के जल्द सुधारीकरण की उम्मीद भी दम तोड़ रही है।
30 किमी सड़क पर हॉटमिक्स करने को 7 बार लगाने पड़े टेंडर
अल्मोड़ा। इस हाईवे पर किसी तरह 13 साल बाद हॉटमिक्स की प्रक्रिया शुरू हुई। पहले चरण में मोहान से पनुवाद्योखन तक हॉटमिक्स कराने का विभाग ने निर्णय लिया। लेकिन इसके लिए भी विभाग को कठिन चुनौती से गुजरना पड़ा। यहां 30 किमी के हॉटमिक्स करने को विभाग के लिए ठेकेदार खोजने मुश्किल हुए। 7 बार टेंडर लगाने के बाद किसी तरह विभाग को ठेकेदार मिले, तब जाकर यहां हॉटमिक्स हो सका। अब तक हॉटमिक्स कर रहे ठेकेदार ने आगे के हिस्से में काम करने से साफ मना किया है, जिससे विभाग परेशान है।
हॉटमिक्स प्लांट बंद होना है बड़ी वजह
अल्मोड़ा। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक हॉटमिक्स को लेकर क्षेत्र में नेतागिरी हावी है। लेकिन यहां हॉटमिक्स प्लांट बंद होना ठेकेदार न मिलने की बड़ी वजह है। पर्यावरणीय स्वीकृति न मिलने से पूर्व में मरचूला में संचालित होने वाला हॉटिमिक्स प्लांट बंद हो गया है। वहीं सोनी के पास चल रहे प्लांट को लेकर भी क्षेत्र के लोगों व ठेकेदार के बीच विवाद होने से इसका संचालन भी ठप है। ऐसे में ठेकेदारों ने हॉटमिक्स के लिए टेंडर डालने से हाथ पीछे खींचे हैं।
पूर्व सीएम हरीश रावत बैठ चुके हैं धरने पर
अल्मोड़ा। इस सड़क की बदहाली के खिलाफ पूर्व सीएम हरीश रावत मोहान के पास गड्ढों के बीच धरने पर बैठ चुके हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह सड़क सालों से बदहाल है। जबकि इसे अब तक एक्सप्रेस-वे बन जाना चाहिए। उन्होंने सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए सीएम पुष्कर धामी के साथ फेसबुक के माध्यम से इस सड़क की बदहाली भी साझा की है।
रामनगर-रानीखेत हाईवे पर हॉटमिक्स करने के लिए ठेकेदार दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। हॉटमिक्स प्लांट का बंद होना भी इसकी वजह है। विभाग फिर से टेंडर लगाकर इसके सुधारीकरण का प्रयास कर रहा है। - ओंकार पांडे, ईई, प्रांतीय खंड, लोनिवि, रानीखेत।