{"_id":"591050444f1c1bc617850e78","slug":"construction-work-not-catching-speed","type":"story","status":"publish","title_hn":"गति नहीं पकड़ पा रहा आईएसबीटी का निर्माण कार्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गति नहीं पकड़ पा रहा आईएसबीटी का निर्माण कार्य
अमर उजाला ब्यूराे अल्माेड़ा
Updated Mon, 08 May 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर के लोअर मालरोड में बन रहे अंतरराज्यीय बहुउद्देश्यीय बस अड्डे का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है। 16 करोड़ के सापेक्ष मात्र चार करोड़ रुपये ही बस अड्डे के लिए मिले हैं। कार्य शुरू हुए एक साल हो गया है। अब तक फाउंडेशन और चहारदीवारी का काम हुआ है। विभाग ने आईएसबीटी का कार्य चालू वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य रखा है, लेकिन ऐसी स्थिति में निर्धारित समय पर काम पूरा होना संभव नहीं है।
विज्ञापन
दशकों से अल्मोड़ा में परिवहन निगम का बस अड्डा मालरोड में किराए के भवन में ही संचालित हो रहा है। यहां से ही विभिन्न रुटों को बस संचालित होती हैं और आती जाती है। मालरोड से पांच किमी की दूरी पर लोअर मालरोड में परिवहन निगम का वर्कशाप है। सरकार से शहर में आठ साल पहले अंतर्राज्यीय बहुउद्देश्यीय बस अड्डे को मंजूरी दी। प्रदेश में हरीश रावत से सत्ता संभालने के बाद बहुउद्देश्यीय बस अड्डा बनाने की प्रक्रिया ने गति पकड़ी।
विज्ञापन
वर्कशाप और इससे लगी कुल 83 नाली (1.78 हेक्टेयर) भूमि में आईएसबीटी का निर्माण कार्य शुरु हुए करीब एक साल हो गया है। यह कार्य दो साल में पूरा करने का लक्ष्य विभाग ने रखा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम द्वारा बस अड्डे का निर्माण किया जा रहा है। कार्य की गति इतनी धीमी है कि एक साल में फाउंडेशन और चहारदीवारी ही बन पाई है। बजट के अभाव और अन्य कारणों से बस अड्डे का निर्माण गति नहीं पकड़ पा रहा है।
विज्ञापन
परिवहन निगम के सहायक अभियंता पीके दीक्षित ने बताया कि सरकार से सोलह करोड़ रुपये के सापेक्ष चार करोड़ रुपये मिले हैं। इस वर्ष शासन से बजट जारी नहीं हुआ है। दीक्षित बताते हैं कि सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में निर्माण निगम के कार्यों की जांच भी कराई जा रही है। निर्माण निगम से खर्च की गई धनराशि का प्रमाण पत्र मांगा गया है।