Aparajita campaign: सेमिनार में बोले वक्ता- महिलाएं परिवार का आधार, स्वस्थ रहेंगी तो पूरा परिवार रहेगा खुशहाल
अमर उजाला के अपराजिता अभियान के तहत महिलाओं व बालिकाओं के साथ कई विषयों के लेकर गोष्ठियों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में शनिवार को बालिका शिक्षा और महिला स्वास्थ्य विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने अपनी बात रखी।
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बालिका शिक्षा और महिला स्वास्थ्य विषय पर हुई गोष्ठी में मुख्य अतिथि अंजलि हॉस्पिटल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा पांडे ने कहा कि गर्भावस्था महिलाओं के जीवन में सबसे महत्वपूर्ण चरण है। मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कुछ लड़कियों में माहवारी जल्दी आरंभ हो जाती है, कभी-कभी तो केवल 9-10 साल की उम्र में ही माहवारी शुरू हो जाती है।
इस उम्र की लड़कियों को माहवारी की पूरी जानकारी देना जरूरी है। माहवारी में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल करें। उन्होंने गर्भावस्था में होने वाले परिवर्तनों के बीच सावधानी बरतने के उपाय भी बताए। उन्होंने कहा कि महिलाएं शक्तिशाली तभी होंगी जब वह स्वस्थ रहेंगी। महिलाएं परिवार की आधार हैं, यदि वह स्वस्थ रहेंगी तो पूरा परिवार खुशहाल रहेगा।
विशिष्ट अतिथि भारत सरकार वस्त्र मंत्रालय कार्यालय विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) की सहायक निदेशक नंदी बिष्ट ने कहा कि बेटियां अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। बेटियों की शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान देने की जरूरत हैं। यदि बेटियां शिक्षित होंगी तो वह अपने अधिकारों के प्रति सजग रहेंगी। बेटियां हर क्षेत्र में तरक्की कर रही हैं, उन्हें कमजोर समझने के बजाय मजबूत बनाएं।
महिलाएं अपने को कमजोर न समझें
बेटियां स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बन सकती हैं। अध्यक्षा करते हुए महिला प्रेरणा और उत्थान समिति की अध्यक्ष रेखा आर्या ने कहा कि अभिभावक बेटा-बेटी में भेदभाव न करें। दोनों को शिक्षा के समान अवसर दें ताकि बेटियां भी बेटों से आगे निकलकर नाम रोशन कर सकें। बीना नयाल ने कहा कि महिलाओं के प्रति समाज को अपना नजरिया बदलना होगा। महिलाएं अपने को कमजोर न समझें। लीला बोरा ने कहा कि महिलाएं शक्तिशाली तभी बनेंगी, जब वह जागरूक रहेंगी। मुन्नी रावत ने कहा कि महिलाएं घरेलू काम के साथ ही स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनें। संचालन करते हुए इंदिरा अधिकारी ने अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता 100- मिलियन स्माइल्स कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि बेटियों को खुद मजबूत बनना होगा।
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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
मुन्नी रावत, पूजा नयाल, भावना कनवाल, जयंती बिष्ट, पूजा आर्या, रजनी मेर, शांति देवी, गंगा देवी, बसंती देवी, सरस्वती देवी, रेखा कनवाल, गीता कनवाल, हिमानी शैली, नेहा थापा, कला देवी, माया देवी, पिंकी आर्या, नीतू आदि।
महिलाओं ने शपथ ली मैं शपथ लेती हूं कि कन्या भ्रूण हत्या नहीं करूंगी और न ही होने दूंगी। बेटा-बेटी में कोई भेदभाव न करते हुए उनके पालन-पोषण में समान अवसर प्रदान करूंगी। मैं अपने गांव, मोहल्ला, जिला और प्रदेश की बेटियों को आगे बढ़ाने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करूंगी। हर बेटी में आत्मविश्वास जगाकर उन्हें स्वावलंबी बनाऊंगी। बेटियों को अपराजिता बनाऊंगी।