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समिति ने किया निजी अस्पतालों, क्लीनिकों का निरीक्षण
Thu, 27 Dec 2018 11:51 PM IST
nazim nazim
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Published by: nazim nazim
Updated Thu, 27 Dec 2018 11:51 PM IST
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अल्ट्रासाउंड केंद्र में मशीन की जांच करते उप जिलाधिकारी राहुल शाह और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। उप जिलाधिकारी राहुल शाह के नेतृत्व में जिला निरीक्षण एवं मूल्यांकन समिति ने नगर के निजी अस्पतालों तथा क्लीनिकों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्रों से गर्भवती माताओं के फोन नंबर सत्यापन को लिए गए। उप जिला अधिकारी राहुल शाह ने केंद्र संचालकों को गर्भ धारण पूर्व एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (पीसीपीएनडीटी) एक्ट का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। अल्ट्रासाउंड केंद्र में चिकित्सक के उपस्थित होने के दौरान ही अल्ट्रासाउंड कक्ष खोला जाए। उन्होंने केंद्रों में अल्ट्रासाउंड से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव सही ढंग से करने के निर्देश दिए। अल्ट्रासाउंड मशीन कक्ष को संचालित करने वाले डाक्टर के पास की उसकी चाबी होनी चाहिए। कुछ निजी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड मशीन कक्ष को आपरेट करने वाले डाक्टरों के पास कक्ष की चाबी नहीं मिली।
इस पर समिति ने डाक्टरों को सख्त हिदायत दी और चाबी अपने पास रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्रों के अभिलेख, फार्म एफ तथा मशीनों में लगी ट्रेकिंग डिवाईस का निरीक्षण किया गया। अल्ट्रासाउंड केंद्रों से गर्भवती माताओं के फोन नंबर सत्यापन को लिए गए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सिंह और जिला समन्वयक हिमांशु मुस्यूनी ने बताया कि पंजीकृत केंद्रों पर 90 दिनों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग जांच करना और करवाना कानूनन अपराध है। निरीक्षण में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके सिंह, जिला समन्वयक हिमांशु मुस्यूनी, बच्ची बिष्ट, गिरीश जोशी आदि शामिल हैं। ब्यूरो
इस पर समिति ने डाक्टरों को सख्त हिदायत दी और चाबी अपने पास रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान अल्ट्रासाउंड केंद्रों के अभिलेख, फार्म एफ तथा मशीनों में लगी ट्रेकिंग डिवाईस का निरीक्षण किया गया। अल्ट्रासाउंड केंद्रों से गर्भवती माताओं के फोन नंबर सत्यापन को लिए गए। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके सिंह और जिला समन्वयक हिमांशु मुस्यूनी ने बताया कि पंजीकृत केंद्रों पर 90 दिनों में औचक निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गर्भ में पल रहे शिशु का लिंग जांच करना और करवाना कानूनन अपराध है। निरीक्षण में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एके सिंह, जिला समन्वयक हिमांशु मुस्यूनी, बच्ची बिष्ट, गिरीश जोशी आदि शामिल हैं। ब्यूरो
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