फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Comic satire in Ramlila mode to the end

रामलीला में अब हास्य व्यंग विधा समाप्ति की ओर

Fri, 16 Oct 2015 12:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा। Updated Fri, 16 Oct 2015 12:37 AM IST
विज्ञापन

संचार के साधन बढ़ने के साथ ही रामलीलाओं में हास्य व्यंग की विधा भी समाप्ति की ओर है। कई साल पहले तक रामलीलाओं में जोकरों की खास भूमिका होती थी।

विज्ञापन


मंचन में देरी होने पर जोकर हास्य विधा से लोगों का मनोरंजन करते थे। उन्हें देखने के लिए लोगों की काफी भीड़ जुटती थी।

कारखाना बाजार निवासी 65 वर्षीय सईद अहमद सत्तर के दशक में कई रामलीलाओं में जोकर का किरदार निभा चुके हैं। पेशे से पेंटर सईद बताते हैं कि नगर के नंदादेवी के अलावा मुरली मनोहर, राजपुर, धारानौला, एनटीडी हवालबाग आदि स्थानों पर जोकरिंग कर चुके हैं।
विज्ञापन


वह बताते हैं कि पूर्व में रामलीला के पात्र अंडा, मांस समेत लहसुन, प्याज तक नहीं खाते थे। रामलीला के दौरान सईद भी दस दिन तक लहसुन, प्याज तक नहीं खाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले रामलीला मेें जोकर का पात्र सभ्यता के साथ हास्य व्यंग करता था। उसे देखने के लिए काफी भीड़ जुटती थी। पर धीरे-धीरे पाश्चात्य संस्कृति के हावी होने से इसमें भी फूहड़ता आने लगी थी।

संचार क्रांति के चलते अब यह विधा समाप्ति की ओर है। सालों से सईद रामलीलाओं में पात्रों का मेकप भी करते आ रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed