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स्वच्छक कर्मियों की हड़ताल से शहर में सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमराई
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अल्मोड़ा पालिका प्रांगण में धरने पर बैठी महिला पर्यावरण मित्र। (संवाद)
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के आह्वान पर पालिका के पर्यावरण मित्र (स्वच्छक कर्मी) शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। कूड़ा नहीं उठने से शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। घरों से भी कूड़ा नहीं उठ रहा है। इस कारण गृहणियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई लोगों ने घरों के पास ही कूड़ा इकट्ठा कर रखा है तो कई लोग कूड़ेदानों और अन्य स्थानों पर कूड़ा डाल रहे हैं। कूड़ेदान कूड़े से भरे हैं और आसपास कूड़ा फैला हुआ है। लोगों को आवाजाही में दिक्कतें हो रही हैं। कूड़े से उठ रही दुर्गंध से शहरवासियों और बाहर से आ रहे लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
हड़ताली स्वच्छक कर्मियों ने पालिका प्रांगण में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार राजकीय विभागों और निकायों में सफाई कार्य ठेके पर करवा रही है, जो कि वाल्मीकि समाज के युवाओं के हितों पर कुठाराघात है और उनका उत्पीड़न है। धरने और सभा में प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार, जिलाध्यक्ष दीपक चंदेल, मुकेश पवार, राधा देवी, विमला, कमल चौहान, दीपक सैलानी आदि मौजूद रहे।
इधर कांग्रेस नेता पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ पालिका पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उनके साथ पूरन रौतेला, तारा जोशी, किशन लाल, महेश आर्या, पारितोष जोशी, सभासद सचिन आर्या आदि थे। कांग्रेस नेता बिट्टू कर्नाटक ने भी सीएम को ज्ञापन भेजकर पर्यावरण मित्रों की मांगों का जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
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पालिकाध्यक्ष ने की प्रमुख सचिव से वार्ता
अल्मोड़ा। पर्यावरण मित्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने सहकारी विकास मंत्री के प्रमुख सचिव शैलेश बगोली और सचिव / निदेशक विनोद कुमार सुमन से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराया कि हड़ताल से अल्मोड़ा समेत अन्य शहरों की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। पर्यावरण मित्रों की मांगें शासन स्तर की हैं। शासन को पर्यावरण मित्रों की समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द समाधान निकालना चाहिए। ताकि वह काम पर लौटें और सफाई व्यवस्था पटरी पर आ सके। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि शासन के अधिकारियों का रुख भी सकारात्मक रहा है। आशा जताई है कि शाम तक या शनिवार तक कोई सकारात्मक हल निकलेगा और पर्यावरण मित्र काम पर लौट आएंगे।
घर का कूड़ा पास के कूड़ेदान में डालते हैं, लेकिन वह भी भर गया है। कूड़े से दुर्गंध उठ रही है। रास्तों में भी कूड़ा फैला हुआ है। जिससे आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - सरला शर्मा।
घर से कुछ दूरी पर कूड़ादान है। वहीं पर घर का कूड़ा डालते हैं। कूड़ादान के बाहर भी कूड़ा फैला हुआ है। लावारिस कुत्ते और गाय रास्ते में कूड़ा फैला दे रहे हैं। रास्ता भी गंदगी से पट गया है। - पिंकी बग्गा।
घर से स्वच्छक कूड़ा एकत्र कर ले जाता था, लेकिन अब घर के पास ही कूड़ा इकट्ठा कर रहे हैं। दो तीन दिन का कूड़ा एकत्र कर कूड़ेदान में डाल रहे हैं वह भी भरा हुआ है। - भावना साह।
घर का कूड़ा पास ही खाली जमीन में गड्ढे में डाल रहे हैं और जो कूड़ा जलाने योग्य है उसे जलाकर नष्ट कर रहे हैं। यदि जल्द हड़ताल समाप्त नहीं होती है तो स्थिति और खराब हो जाएगी। - लता कपूर।
सरकार से लंबे समय से पर्यावरण मित्रों की मांगों का समाधान करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये के चलते पर्यावरण मित्रों को आंदोलन को रास्ता अपना पड़ा है। सरकार के जल्द सभी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। - राजपाल पवार, प्रदेश महामंत्री, देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ।
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हड़ताली स्वच्छक कर्मियों ने पालिका प्रांगण में धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारे लगाए। सभा में वक्ताओं ने कहा कि सरकार राजकीय विभागों और निकायों में सफाई कार्य ठेके पर करवा रही है, जो कि वाल्मीकि समाज के युवाओं के हितों पर कुठाराघात है और उनका उत्पीड़न है। धरने और सभा में प्रदेश महामंत्री राजपाल पवार, जिलाध्यक्ष दीपक चंदेल, मुकेश पवार, राधा देवी, विमला, कमल चौहान, दीपक सैलानी आदि मौजूद रहे।
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इधर कांग्रेस नेता पूर्व विधायक मनोज तिवारी ने कार्यकर्ताओं के साथ पालिका पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया। उनके साथ पूरन रौतेला, तारा जोशी, किशन लाल, महेश आर्या, पारितोष जोशी, सभासद सचिन आर्या आदि थे। कांग्रेस नेता बिट्टू कर्नाटक ने भी सीएम को ज्ञापन भेजकर पर्यावरण मित्रों की मांगों का जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
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पालिकाध्यक्ष ने की प्रमुख सचिव से वार्ता
अल्मोड़ा। पर्यावरण मित्रों की समस्याओं के समाधान को लेकर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने सहकारी विकास मंत्री के प्रमुख सचिव शैलेश बगोली और सचिव / निदेशक विनोद कुमार सुमन से दूरभाष पर वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को अवगत कराया कि हड़ताल से अल्मोड़ा समेत अन्य शहरों की सफाई व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। पर्यावरण मित्रों की मांगें शासन स्तर की हैं। शासन को पर्यावरण मित्रों की समस्याओं का संज्ञान लेकर जल्द समाधान निकालना चाहिए। ताकि वह काम पर लौटें और सफाई व्यवस्था पटरी पर आ सके। पालिकाध्यक्ष ने कहा कि शासन के अधिकारियों का रुख भी सकारात्मक रहा है। आशा जताई है कि शाम तक या शनिवार तक कोई सकारात्मक हल निकलेगा और पर्यावरण मित्र काम पर लौट आएंगे।
घर का कूड़ा पास के कूड़ेदान में डालते हैं, लेकिन वह भी भर गया है। कूड़े से दुर्गंध उठ रही है। रास्तों में भी कूड़ा फैला हुआ है। जिससे आने जाने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - सरला शर्मा।
घर से कुछ दूरी पर कूड़ादान है। वहीं पर घर का कूड़ा डालते हैं। कूड़ादान के बाहर भी कूड़ा फैला हुआ है। लावारिस कुत्ते और गाय रास्ते में कूड़ा फैला दे रहे हैं। रास्ता भी गंदगी से पट गया है। - पिंकी बग्गा।
घर से स्वच्छक कूड़ा एकत्र कर ले जाता था, लेकिन अब घर के पास ही कूड़ा इकट्ठा कर रहे हैं। दो तीन दिन का कूड़ा एकत्र कर कूड़ेदान में डाल रहे हैं वह भी भरा हुआ है। - भावना साह।
घर का कूड़ा पास ही खाली जमीन में गड्ढे में डाल रहे हैं और जो कूड़ा जलाने योग्य है उसे जलाकर नष्ट कर रहे हैं। यदि जल्द हड़ताल समाप्त नहीं होती है तो स्थिति और खराब हो जाएगी। - लता कपूर।
सरकार से लंबे समय से पर्यावरण मित्रों की मांगों का समाधान करने की मांग की गई थी, लेकिन सरकार के अड़ियल रवैये के चलते पर्यावरण मित्रों को आंदोलन को रास्ता अपना पड़ा है। सरकार के जल्द सभी समस्याओं का समाधान करना चाहिए। - राजपाल पवार, प्रदेश महामंत्री, देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ।