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Almora: टपकती छत डालती है पढ़ाई में खलल, ब्रिटिश काल में बने स्कूल के जीर्णशीर्ण भवन में पढ़ने को मजबूर बच्चे
Thu, 10 Jul 2025 01:39 PM IST
हीरा मेहरा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
Published by: हीरा मेहरा
Updated Thu, 10 Jul 2025 01:39 PM IST
सार
ब्रिटिश काल वर्ष 1856 में बने प्राथमिक विद्यालय स्याल्दे पैठाना का भवन जीर्णशीर्ण हो गया है। हल्की सी बारिश में छत टपकने लगती है। इससे छात्र-छात्राओं का अध्ययन कार्य प्रभावित होता है।
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विस्तार
ब्रिटिश काल वर्ष 1856 में बने प्राथमिक विद्यालय स्याल्दे पैठाना का भवन जीर्णशीर्ण हो गया है। हल्की सी बारिश में छत टपकने लगती है। इससे छात्र-छात्राओं का अध्ययन कार्य प्रभावित होता है। इसके बावजूद भवन को बनाने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। लोगों ने विभाग से शीघ्र भवन बनाने की मांग की है।
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स्थानीय लोगों ने कहा कि स्कूल भवन को बने 169 साल हो गए हैं। समय-समय पर स्कूल भवन को ठीक करने के लिए छोटे-छोटे कार्य कराए गए। वर्तमान में स्कूल भवन पूरी तरह जीर्णशीर्ण हो गया है। वर्तमान में इस प्राथमिक स्कूल में आंगनबाड़ी केंद्र भी चलता है। आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ने के लिए 10 और प्राथमिक स्कूल में पढ़ने के लिए पांच बच्चे आते हैं। जीर्णशीर्ण भवन में हर वक्त अप्रिय घटना होने का डर बना रहता है। कई अभिभावक तो बारिश में डर से बच्चों को स्कूल भेजते ही नहीं हैं।
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उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र विद्यालय भवन को ठीक करने की मांग की है। मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय से विद्यालय भवन को ठीक करने के लिए 40 .69 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा गया है जिसे अभी तक स्वीकृति नहीं मिली है।
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वर्ष 1943 से 1947 तक इसी विद्यालयमें कक्षा चार तक की पढ़ाई की। हमारे पूर्वजों ने भी इसी स्कूल से पढ़ाई की। विद्यालय भवन को ठीक करना चाहिए। - दयाकृष्णा जोशा, सेवानिवृत्त एडीओ पंचायत।