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सुलझ नहीं रहा शहीद मेजर सती के गांव को जोड़ने वाले सड़क का मसला
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चौबटिया में सड़क के लिए बैठक करते ग्रामीण और जनप्रतिनिधि। अमर उजाला
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। शहीद मेजर महेश सती (शौर्य चक्र) के गांव सिंवाली को जोड़ने वाले चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को सेना ने मार्ग निर्माण के लिए जा रही जेसीबी को रोक दिया था, इसके बाद से ग्रामीणों में आक्रोश है। चौबटिया में स्थानीय ग्रामीणों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया और छह जनवरी को प्रस्तावित प्रदर्शन की रणनीति बनाई। जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत ने ग्रामीणों को हर हाल में सड़क निर्माण का भरोसा दिलाया।
दरअसल, लंबे समय से ग्रामीण चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग निर्माण की मांग कर रहे थे। अब इस मार्ग को स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन शनिवार को झूलादेवी चेक पोस्ट पर जेसीबी को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि 200 मीटर की सैन्य भूमि जो आड़े आ रही है, वहां से सड़क नहीं बननी है, पूर्व में सेना से एनओसी भी मिल चुकी थी, लेकिन अब फिर से सेना की तरफ से अड़ंगा लगाया जा रहा है। रविवार को तीनों गांवों के ग्रामीण चौबटिया में जुटे। वहां मोटर मार्ग निर्माण को लेकर योजना बनाई गई।
जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण छह से नौ किमी की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, जबकि सिंवाली गांव शहीद मेजर महेश सती का गांव है, वह भी मोटर मार्ग से वंचित है। देहोली, कालनू, सिंवाली के ग्रामीणों के आंदोलन को चौबटिया के लोगों ने भी समर्थन जताया। इस दौरान वहां सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। कल छह जनवरी के आंदोलन की रणनीति तय की गई।
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तय हुआ कि सुबह 10 बजे संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद झूलादेवी बैरियर के पास प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में छावनी के पूर्व सभासद उमेश पाठक, कालनू प्रधान मोहन राम, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन फर्त्याल, हेम चंद्र सती, मथुरा दत्त जोशी, राजेंद्र सिंह रावत, टैक्सी यूनियन के नरेश चंद्र सहित चौबटिया और आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे। इधर पूर्व प्रधान पीडी सती ने इस संबंध में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।
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दरअसल, लंबे समय से ग्रामीण चौबटिया-नागपानी-देहोली मोटर मार्ग निर्माण की मांग कर रहे थे। अब इस मार्ग को स्वीकृति भी मिल चुकी है, लेकिन शनिवार को झूलादेवी चेक पोस्ट पर जेसीबी को आगे नहीं बढ़ने दिया गया। जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने कहा कि 200 मीटर की सैन्य भूमि जो आड़े आ रही है, वहां से सड़क नहीं बननी है, पूर्व में सेना से एनओसी भी मिल चुकी थी, लेकिन अब फिर से सेना की तरफ से अड़ंगा लगाया जा रहा है। रविवार को तीनों गांवों के ग्रामीण चौबटिया में जुटे। वहां मोटर मार्ग निर्माण को लेकर योजना बनाई गई।
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जिला पंचायत सदस्य धन सिंह रावत ने कहा कि ग्रामीण छह से नौ किमी की पैदल दूरी तय कर रहे हैं, जबकि सिंवाली गांव शहीद मेजर महेश सती का गांव है, वह भी मोटर मार्ग से वंचित है। देहोली, कालनू, सिंवाली के ग्रामीणों के आंदोलन को चौबटिया के लोगों ने भी समर्थन जताया। इस दौरान वहां सांकेतिक प्रदर्शन किया गया। कल छह जनवरी के आंदोलन की रणनीति तय की गई।
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तय हुआ कि सुबह 10 बजे संयुक्त मजिस्ट्रेट को ज्ञापन दिया जाएगा। इसके बाद झूलादेवी बैरियर के पास प्रदर्शन किया जाएगा। बैठक में छावनी के पूर्व सभासद उमेश पाठक, कालनू प्रधान मोहन राम, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य कुंदन फर्त्याल, हेम चंद्र सती, मथुरा दत्त जोशी, राजेंद्र सिंह रावत, टैक्सी यूनियन के नरेश चंद्र सहित चौबटिया और आसपास के ग्रामीण मौजूद रहे। इधर पूर्व प्रधान पीडी सती ने इस संबंध में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं।