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धूधू कर जल रहे जंगल, आग पर काबू पाना मुश्किल
Thu, 02 May 2019 12:07 AM IST
बृजमोहन बृजमोहन
अल्मोड़ा/मौलेखाल/सोमेश्वर।
अल्मोड़ा/मौलेखाल/सोमेश्वर।
Published by: बृजमोहन बृजमोहन
Updated Thu, 02 May 2019 12:07 AM IST
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सोमेश्वर क्षेत्र के जंगल में भड़की आग।
- फोटो : AMAR UJALA
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फायर सीजन में जिले के कई जंगल आग में धधक रहे हैं। सल्ट ब्लॉक के जंगलों में भड़की आग काबू में नहीं आई है। सोमेश्वर तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आग से पांच से छह हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो गया है। आग में वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास और वन संपदा जल कर नष्ट हो गई है। इस कारण वन्य जीव आबादी की तरफ रुख कर रहे हैं।
जिले के सल्ट ब्लॉक अंतर्गत सकणना, सदरा, बिनौली, डबरा, नैकणना, झिमार, खजरा गांव, भैरनखाल आदि गांवों के जंगलों में भड़की आग काबू में नहीं आ रही है। इन जंगलों में अधिकांश चीड़ के पेड़ हैं। चीड़ का पिरूल झड़ने से आग तेजी से फैल रही है। सोमेश्वर तहसील के नारंगतोली वन पंचायत का जंगल के अलावा टाना, कनगाड़ के जंगलों में दो दिनों से भड़की आग बुधवार को भी काबू में नहीं आ सकी। आग से अब तक पांच से छह हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो गया है। वन कर्मचारी आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। आग से अब तक जंगलों में कई पेड़ और पशु-पक्षी जल गए हैं। वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास भी जलकर नष्ट हो गए हैं। जंगलों की आग से क्षेत्र में चारों तरफ धुंध छाई है। लोगों का कहना है कि फायर सीजन में जंगलों में आग बुझाने के तमाम कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन जिले के कई जंगलों में भड़की आग पर वन महकमा काबू पाने में नाकाम रहा है।
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जिले के सल्ट ब्लॉक अंतर्गत सकणना, सदरा, बिनौली, डबरा, नैकणना, झिमार, खजरा गांव, भैरनखाल आदि गांवों के जंगलों में भड़की आग काबू में नहीं आ रही है। इन जंगलों में अधिकांश चीड़ के पेड़ हैं। चीड़ का पिरूल झड़ने से आग तेजी से फैल रही है। सोमेश्वर तहसील के नारंगतोली वन पंचायत का जंगल के अलावा टाना, कनगाड़ के जंगलों में दो दिनों से भड़की आग बुधवार को भी काबू में नहीं आ सकी। आग से अब तक पांच से छह हेक्टेयर वन क्षेत्र जलकर राख हो गया है। वन कर्मचारी आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहे हैं। आग से अब तक जंगलों में कई पेड़ और पशु-पक्षी जल गए हैं। वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास भी जलकर नष्ट हो गए हैं। जंगलों की आग से क्षेत्र में चारों तरफ धुंध छाई है। लोगों का कहना है कि फायर सीजन में जंगलों में आग बुझाने के तमाम कार्यक्रम चलाए जाते हैं, लेकिन जिले के कई जंगलों में भड़की आग पर वन महकमा काबू पाने में नाकाम रहा है।
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