{"_id":"5b940dc2867a557f2334576d","slug":"beautification-of-the-castle-begins","type":"story","status":"publish","title_hn":"तड़ागताल के सौंदर्यीकरण की कवायद शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तड़ागताल के सौंदर्यीकरण की कवायद शुरू
अमर उजाला ब्यूरो अल्मोड़ा।
Updated Sat, 08 Sep 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
तड़ागताल में झील का निरीक्षण करते डीएम नितिन भदौरिया, विधायक महेश नेगी आदि।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तड़ागताल के सौंदर्यीकरण की कवायद शुरू हो गई है। सब कुछ ठीक रहा तो तड़ागताल की झील जल्द ही पर्यटन के मानचित्र पर छा जाएगी। डीएम नितिन भदौरिया तथा क्षेत्रीय विधायक महेश नेगी ने पर्यटन व अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ तड़ागताल झील का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इसको लेकर लोगों के सुझाव भी लिए।
इस मौके पर तड़ागताल झील का नजारा देखकर गद्गद हुए डीएम निनित भदौरिया ने कहा कि इस झील का विकास पहले ही हो जाना चाहिए था। घने जंगलों के बीच स्थित तड़ागताल झील को भव्य रूप दिया जाएगा। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से विचार विमर्श कर कार्ययोजना बनाई जाएगी। झील के पानी से भविष्य में सिंचाई तथा पेयजल से जुड़ी योजनाएं बनाई जा सकती हैं।
इस मौके पर विधायक महेश नेगी ने जिलाधिकारी को बताया कि झील के चारों ओर सड़क निर्माण का प्रावधान भी रखा गया है। झील के विकास से क्षेत्र में रोजगार के साधनों में इजाफा होने के साथ ही पलायन पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। डीएम भदौरिया ने जीआईसी तड़ागताल के सभागार में झील के सौंदर्यीकरण को लेकर ग्रामीणों व अधिकारियों के साथ बैठक कर लोगों के सुझाव लिए गए। इस मौके पर एसडीएम रजा अब्बास सहित पर्यटन, सिंचाई, लोकनिर्माण, ग्रामीण अभियंत्रण आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
सुबह दस बजे ही सड़क पर आ गए थे ग्रामीण
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। भैंसियागाड़ के ग्रामीणों को जैसे ही शनिवार को डीएम नितिन भदौरिया व विधायक महेश नेगी के तड़ागताल दौरे की जानकारी मिली तो वे सुबह दस बजे से ही जाबर में सड़क किनारे बैठकर उनके गुजरने का इंतजार करते रहे। शाम चार बजे दोनों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में तड़ागताल विकास संघर्ष समिति की अध्यक्ष हीरादेवी, भगवती देवी, प्रेमसिंह, भूरसिंह, नंदीदेवी, इंद्रादेवी, दुर्गादेवी, नंदी देवी, खीमादेवी, भूरसिंह, भावना देवी, राजेंद्र सिंह आदि कई लोग शामिल थे।
विज्ञापन
इस मौके पर तड़ागताल झील का नजारा देखकर गद्गद हुए डीएम निनित भदौरिया ने कहा कि इस झील का विकास पहले ही हो जाना चाहिए था। घने जंगलों के बीच स्थित तड़ागताल झील को भव्य रूप दिया जाएगा। इस बारे में संबंधित अधिकारियों से विचार विमर्श कर कार्ययोजना बनाई जाएगी। झील के पानी से भविष्य में सिंचाई तथा पेयजल से जुड़ी योजनाएं बनाई जा सकती हैं।
विज्ञापन
इस मौके पर विधायक महेश नेगी ने जिलाधिकारी को बताया कि झील के चारों ओर सड़क निर्माण का प्रावधान भी रखा गया है। झील के विकास से क्षेत्र में रोजगार के साधनों में इजाफा होने के साथ ही पलायन पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। डीएम भदौरिया ने जीआईसी तड़ागताल के सभागार में झील के सौंदर्यीकरण को लेकर ग्रामीणों व अधिकारियों के साथ बैठक कर लोगों के सुझाव लिए गए। इस मौके पर एसडीएम रजा अब्बास सहित पर्यटन, सिंचाई, लोकनिर्माण, ग्रामीण अभियंत्रण आदि विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
सुबह दस बजे ही सड़क पर आ गए थे ग्रामीण
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। भैंसियागाड़ के ग्रामीणों को जैसे ही शनिवार को डीएम नितिन भदौरिया व विधायक महेश नेगी के तड़ागताल दौरे की जानकारी मिली तो वे सुबह दस बजे से ही जाबर में सड़क किनारे बैठकर उनके गुजरने का इंतजार करते रहे। शाम चार बजे दोनों के पहुंचने पर ग्रामीणों ने उन्हें अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन देने वालों में तड़ागताल विकास संघर्ष समिति की अध्यक्ष हीरादेवी, भगवती देवी, प्रेमसिंह, भूरसिंह, नंदीदेवी, इंद्रादेवी, दुर्गादेवी, नंदी देवी, खीमादेवी, भूरसिंह, भावना देवी, राजेंद्र सिंह आदि कई लोग शामिल थे।