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भैसड़गांव अस्पताल को इलाज की जरूरत
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 19 Feb 2017 10:06 PM IST
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जीर्ण-शीर्ण हालत में अस्पताल भवन।
- फोटो : अमर उजाला
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तहसील क्षेत्र में स्थित राजकीय एलोपैथिक अस्पताल भैसड़गांव जीर्ण-शीर्ण हालत में है। पांच कमरों के इस अस्पताल में बरसात होने पर पानी कमरों में टपकता है। बरसात में स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों का उपचार करने में दिक्कतें होती हैं। अस्पताल में एक आयुर्वेदिक डाक्टर और फार्मेसिस्ट तैनात हैं। अन्य सुविधाएं नहीं होने से मरीज उपचार को रानीखेत और अल्मोड़ा जाने को मजबूर हैं।
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1990 में अस्पताल भवन और कर्मचारी आवासों का निर्माण हुआ। अस्पताल में पांच कमरे हैं। छत की स्थिति काफी खराब है। छत से पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से बरसाती पानी जमा रहता है और छत टपकती है। कक्षों के भीतर और दीवारों में सीलन रहती है। बरसात के सीज में मरीजों का उपचार करने में स्वास्थ्य कर्मियों को काफी दिकक्तें होती हैं। जिस कक्ष में बेड लगे हैं, वहां की दीवारें भी सीलन से भरी हैं।
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मनसारी नदी से हो रहे भूकटाव से अस्पताल भवन को खतरा बना हुआ है। अस्पताल के निकट ही डाक्टर, फार्मेसिस्ट और स्वच्छक के आवास बने हैं, लेकिन इनकी स्थिति भी खराब है और आवास रहने लायक नहीं हैं।
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