द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। क्षेत्र में बैठकी होली गायन का दौर जारी है। रंगकर्मियों ने आंचलिक संस्कृति पर आधारित होलियों का गायन कर समां बांध दिया। होली में खैखुटिया, भटकोट, दौलाघट, हवालबाग सहित तमाम स्थानों के कलाकार पहुंचे थे। कलाकारों ने बहुत दिनन से रूठे बलम सहित तमाम होलियों का गायन कर महफिल सजाई।
रानीखेत रोड पर स्थित गणेश नेगी के आवास पर बैठकी होली का आयोजन किया गया। चौखुटिया, भटकोट, दौलाघट, हवालबाग सहित अन्य क्षेत्रों से आए होली कलाकारों ने विभिन्न रागों में होलियों का गायन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोपहर दो बजे से शुरू हुईं बैठकी होलियां देर रात तक जारी रहीं। गणेश स्तुति गाइए गणपति जग वंदन से शुरू हुई होली के बाद गणेश नेगी ने श्याम कल्याण में बहुत दिनन से रूठे बलम, जगदीश जोशी ने काहे विधि फाग रचायो, रणजीत राणा ने यमन राग में मोरे कान्हा ने लूट लेई, धमार में नंद नंदनं मोरी बय्यां गहो न, देखो संग की सहेली, काफी में रणजीत राणा ने खाइयो बनारस का पान, गणेश नेगी ने भी इसी राग में अबकी खेलना फाग ऐसो समाज फिर बने न बने री आदि होलियां गाईं। हारमोनियम पर रणजीत राणा, गणेश नेगी, भुवन कांडपाल, कैलाश पांडेय, जगदीश जोशी ने तो तबले पर जगमोहन, शुभम ने संगत की।