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गांवों को जोड़ने वाले पैदल रास्तों को ठीक कर दो साहब, होती हैं दिक्कतें
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ताड़ीखेत के गांवों के जोड़ने वाले मोटर मार्गों की हालत। संवाद
- फोटो : RANIKHET
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लॉक के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों के हाल बेहाल हैं। वर्षों से इन मार्गों का सुधारीकरण नहीं हुआ है। रास्तों के दोनों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं। इनसे तेंदुए का खतरा भी बढ़ गया है।
जवाहर नवोदय विद्यालय से प्रेम विद्यालय, कन्या पाठशाला, आंगनबाड़ी केंद्र, सिमोली, पथुली, कुरिया मटेला, ऊंणीगांव को जोड़ने वाले पैदल मार्गों की दशा खराब है। कई स्थानों पर रास्तों के दोनों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं।
पूर्व में यहां एक वृद्धा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी हो चुकी है। वृद्धा पैदल गांव की ओर जा रही थी, उसका शरीर किसी जंगली जानवर ने नोचा हुआ था। आए दिन यहां पर जंगली जानवरों का खौफ बना रहता है। इन्हीं मार्गों से सुबह ग्रामीण बच्चे स्कूल आते जाते हैं।
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-ग्रामीण क्षेत्रों के पैदल रास्ते बुरी हालत में हैं। किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ब्लॉक में साफ सफाई के लिए धनराशि आती है लेकिन उसका सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुनने को राजी नहीं हैं। सूचना देने के बाद भी जनता के हितोंका ध्यान नहीं रखा जाता, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। -दीपक ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता सिमोली।
-गांवों को जोड़ने वाले रास्तों का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए। ब्लॉक मुख्यालय के ठीक पीछे से गुजरने वाले रास्ते ही बदहाल पड़े हैं। बुजुर्ग और बच्चे इन्हीं रास्तों से होकर गुजरते हैं। झाड़ियों से रास्ते पटे पड़े हैं। -जीवन सिंह रावत, सिमोली।
- गांवों को जोड़ने वाले रास्ते खराब हैं या झाड़ियां उग आई हैं तो ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में प्रस्ताव लिए जाते हैं। यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खुली बैठकों में समस्याओं से संबंधित प्रस्ताव आएंगे तो इन्हें जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।-रवि सैनी, बीडीओ ताड़ीखेत।
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जवाहर नवोदय विद्यालय से प्रेम विद्यालय, कन्या पाठशाला, आंगनबाड़ी केंद्र, सिमोली, पथुली, कुरिया मटेला, ऊंणीगांव को जोड़ने वाले पैदल मार्गों की दशा खराब है। कई स्थानों पर रास्तों के दोनों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं।
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पूर्व में यहां एक वृद्धा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत भी हो चुकी है। वृद्धा पैदल गांव की ओर जा रही थी, उसका शरीर किसी जंगली जानवर ने नोचा हुआ था। आए दिन यहां पर जंगली जानवरों का खौफ बना रहता है। इन्हीं मार्गों से सुबह ग्रामीण बच्चे स्कूल आते जाते हैं।
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-ग्रामीण क्षेत्रों के पैदल रास्ते बुरी हालत में हैं। किसी भी वक्त बड़ी दुर्घटना हो सकती है। ब्लॉक में साफ सफाई के लिए धनराशि आती है लेकिन उसका सदुपयोग नहीं हो पा रहा है। जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि सुनने को राजी नहीं हैं। सूचना देने के बाद भी जनता के हितोंका ध्यान नहीं रखा जाता, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। -दीपक ठाकुर, सामाजिक कार्यकर्ता सिमोली।
-गांवों को जोड़ने वाले रास्तों का सौंदर्यीकरण किया जाना चाहिए। ब्लॉक मुख्यालय के ठीक पीछे से गुजरने वाले रास्ते ही बदहाल पड़े हैं। बुजुर्ग और बच्चे इन्हीं रास्तों से होकर गुजरते हैं। झाड़ियों से रास्ते पटे पड़े हैं। -जीवन सिंह रावत, सिमोली।
- गांवों को जोड़ने वाले रास्ते खराब हैं या झाड़ियां उग आई हैं तो ग्राम पंचायतों की खुली बैठकों में प्रस्ताव लिए जाते हैं। यह प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। खुली बैठकों में समस्याओं से संबंधित प्रस्ताव आएंगे तो इन्हें जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।-रवि सैनी, बीडीओ ताड़ीखेत।