{"_id":"6aac3874e8ff2bc611089bd6","slug":"asha-workers-raised-their-voices-against-neglect-almora-news-c-232-1-shld1002-148827-2026-09-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: उपेक्षा के खिलाफ गरजीं आशा कार्यकर्ता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: उपेक्षा के खिलाफ गरजीं आशा कार्यकर्ता
Fri, 18 Sep 2026 12:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:29 AM IST
विज्ञापन
अल्मोड़ा के गांधी पार्क में धरना देतीं आशा कार्यकर्ता। संवाद
अल्मोड़ा। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानीं जाने वाली आशा कार्यकर्ताओं ने उपेक्षा के खिलाफ एक बार फिर आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। बृहस्पतिवार को उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा कार्यकर्ता चौघानपाटा के गांधी पार्क में एकत्रित हुईं। वहां उन्होंने अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में धरना देकर प्रदर्शन किया।
सभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। यूनियन की पदाधिकारियों ने कहा कि गांवों और सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बनकर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत की लगातार अनदेखी की जा रही है। वर्तमान में सरकार उन्हें केवल 3300 रुपये मासिक प्रोत्साहन राशि दे रही है। वक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि आज के इस चरम महंगाई के दौर में मात्र 3300 रुपये में किसी परिवार का गुजारा होना कतई संभव नहीं है। गर्भवती महिलाओं की संस्थागत डिलीवरी कराने, नवजातों की देखभाल, पल्स पोलियो अभियान, कोविड महामारी से लेकर हर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम को सफल बनाने में आशाएं अग्रिम पंक्ति में रहकर काम करती हैं। इसके बावजूद उन्हें एक स्थायी और सम्मानजनक वेतन तक नसीब नहीं है। आशाओं को शीघ्र नियमित किया जाए। धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष विजय लक्ष्मी भट्ट, उपाध्यक्ष नीमा जोशी, ममता भट्ट, भगवती, देवकी बिष्ट, पदमा, प्रभा नेगी आदि मौजूद रहे।
-
विज्ञापन
सभा में वक्ताओं ने सरकार की नीतियों पर तीखे प्रहार किए। यूनियन की पदाधिकारियों ने कहा कि गांवों और सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बनकर काम करने वाली आशा कार्यकर्ताओं की दिन-रात की मेहनत की लगातार अनदेखी की जा रही है। वर्तमान में सरकार उन्हें केवल 3300 रुपये मासिक प्रोत्साहन राशि दे रही है। वक्ताओं ने आक्रोश जताते हुए कहा कि आज के इस चरम महंगाई के दौर में मात्र 3300 रुपये में किसी परिवार का गुजारा होना कतई संभव नहीं है। गर्भवती महिलाओं की संस्थागत डिलीवरी कराने, नवजातों की देखभाल, पल्स पोलियो अभियान, कोविड महामारी से लेकर हर राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम को सफल बनाने में आशाएं अग्रिम पंक्ति में रहकर काम करती हैं। इसके बावजूद उन्हें एक स्थायी और सम्मानजनक वेतन तक नसीब नहीं है। आशाओं को शीघ्र नियमित किया जाए। धरना प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष विजय लक्ष्मी भट्ट, उपाध्यक्ष नीमा जोशी, ममता भट्ट, भगवती, देवकी बिष्ट, पदमा, प्रभा नेगी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
-