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मांगें पूरी न होने से नाराज आशा कार्यकर्ताओं ने दिया धरना, नारेबाजी की
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अल्मोड़ा के चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में धरना देतीं आशा कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। मासिक मानदेय देने समेत अन्य मांगों के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में बुधवार को धरना दिया। उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर जल्द मांगें पूरी करने की गुहार लगाई।
धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बन चुकी आशाओं को सरकार उनका वास्तविक हक नहीं दे रही है। उन्होंने आशाओं को न्यूनतम वेतन देते हुए स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग की। सेवानिवृत्त होने पर सभी आशाओं के लिए अनिवार्य पेंशन का प्रावधान किया जाए।
आशाओं को मासिक मानदेय नियत करने और डीजी हेल्थ उत्तराखंड के आशाओं को लेकर बनाए गए प्रस्ताव को लागू करने का पिछले वर्ष किया गया वादा पूरा किया जाए। सितंबर 2021 से बकाया कोरोना भत्ता भुगतान करने की मांग की। अप्रैल 2022 से आशाओं के विभिन्न मदों का बकाया भुगतान शीघ्र करने, कोरोना के पुराने रिकार्ड फिर से आशाओं से मांगने का आदेश वापस लेने की मांग की। आशाओं से संजीवनी एप से काम करने की बाध्यता को भी समाप्त करने की मांग की गई।
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धरने में ब्लॉक अध्यक्ष ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष पूजा बगड़वाल, अनीता चौहान, जानकारी कांडपाल, तारा चौहान, बीना पाठक, गीता लाल, ममता आर्या आदि थीं।
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धरनास्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ बन चुकी आशाओं को सरकार उनका वास्तविक हक नहीं दे रही है। उन्होंने आशाओं को न्यूनतम वेतन देते हुए स्वास्थ्य विभाग का स्थायी कर्मचारी घोषित करने की मांग की। सेवानिवृत्त होने पर सभी आशाओं के लिए अनिवार्य पेंशन का प्रावधान किया जाए।
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आशाओं को मासिक मानदेय नियत करने और डीजी हेल्थ उत्तराखंड के आशाओं को लेकर बनाए गए प्रस्ताव को लागू करने का पिछले वर्ष किया गया वादा पूरा किया जाए। सितंबर 2021 से बकाया कोरोना भत्ता भुगतान करने की मांग की। अप्रैल 2022 से आशाओं के विभिन्न मदों का बकाया भुगतान शीघ्र करने, कोरोना के पुराने रिकार्ड फिर से आशाओं से मांगने का आदेश वापस लेने की मांग की। आशाओं से संजीवनी एप से काम करने की बाध्यता को भी समाप्त करने की मांग की गई।
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धरने में ब्लॉक अध्यक्ष ममता तिवारी, कोषाध्यक्ष पूजा बगड़वाल, अनीता चौहान, जानकारी कांडपाल, तारा चौहान, बीना पाठक, गीता लाल, ममता आर्या आदि थीं।