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Almora News: कुछ इंतजार कीजिए... अल्मोड़ा के सेब घोलेंगे किसानों के जीवन में मिठास
Thu, 20 Jul 2023 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Thu, 20 Jul 2023 11:18 PM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा जिले में भी सेब के बगीचे दिखाई देंगे। एप्पल मिशन योजना के तहत उद्यान विभाग ने इसकी कवायद शुरू की है। उद्यान विभाग का कहना है कि जिले के लमगड़ा, रानीखेत, शीतलाखेत सेब उत्पादन के लिए मुफीद हैं इसलिए वहां सेब के बगीचे स्थापित किए जाएंगे। विभाग दिसंबर में सेब के 20 नए बगीचे तैयार करेगा।
जिले के किसानों को अब सेब उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। सेब उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए उद्यान विभाग ने यह निर्णय लिया है। दिसंबर के द्वितीय सप्ताह से 15 फरवरी तक सेब के पौधे रोपे जाएंगे। 20 नाली भूमि पर बागान स्थापित करने के लिए बारह लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। लागत की 80 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी और 20 फीसदी राशि किसानों से ली जाएगी। किसान भी इसके लिए खासी रुचि दिखा रहे हैं।
ये प्रजातियां मुफीद
रॉयल डेलीशस, स्पर, रेड गोल्ड, गोल्डन प्रजाति यहां के मौसम के हिसाब से मुफीद है जो किसानों की तकदीर बदल सकती है।
उद्यान सचल दल केंद्र में संपर्क कर सकते हैं किसान
अल्मोड़ा। परंपरागत खेती के साथ ही किसानों को सेब उत्पादन के प्रति रुझान बढ़ रहा है। उद्यान विभाग का भी मानना है कि आधुनिक प्रजातियों से यहां सेब का बेहतर उत्पादन हो सकता है। पूर्व में एप्पल मिशन योजना के तहत जिले में 30 किसान सेब उत्पादन कर रहे हैं। इससे उनकी सालाना आय तीन से पांच लाख रुपये तक पहुंची है। आगामी सेब उत्पादन के इच्छुक किसान बगीचा लगाने के लिए अपने नजदीकी उद्यान सचल दल केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।
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एप्पल मिशन के तहत जिले में करीब 40 किसान सेब उत्पादन से जुड़े हैं। सेब बगीचा विकसित करने के लिए किसानों के आवेदन मिल रहे हैं। सेब की आधुनिक प्रजातियों के लिए जिले का मौसम अनुकूल है। - सतीश कुमार शर्मा, मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा।
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जिले के किसानों को अब सेब उत्पादन के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर काम शुरू हो गया है। सेब उत्पादन की अपार संभावनाओं को देखते हुए उद्यान विभाग ने यह निर्णय लिया है। दिसंबर के द्वितीय सप्ताह से 15 फरवरी तक सेब के पौधे रोपे जाएंगे। 20 नाली भूमि पर बागान स्थापित करने के लिए बारह लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। लागत की 80 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी और 20 फीसदी राशि किसानों से ली जाएगी। किसान भी इसके लिए खासी रुचि दिखा रहे हैं।
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ये प्रजातियां मुफीद
रॉयल डेलीशस, स्पर, रेड गोल्ड, गोल्डन प्रजाति यहां के मौसम के हिसाब से मुफीद है जो किसानों की तकदीर बदल सकती है।
उद्यान सचल दल केंद्र में संपर्क कर सकते हैं किसान
अल्मोड़ा। परंपरागत खेती के साथ ही किसानों को सेब उत्पादन के प्रति रुझान बढ़ रहा है। उद्यान विभाग का भी मानना है कि आधुनिक प्रजातियों से यहां सेब का बेहतर उत्पादन हो सकता है। पूर्व में एप्पल मिशन योजना के तहत जिले में 30 किसान सेब उत्पादन कर रहे हैं। इससे उनकी सालाना आय तीन से पांच लाख रुपये तक पहुंची है। आगामी सेब उत्पादन के इच्छुक किसान बगीचा लगाने के लिए अपने नजदीकी उद्यान सचल दल केंद्र में संपर्क कर सकते हैं।
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एप्पल मिशन के तहत जिले में करीब 40 किसान सेब उत्पादन से जुड़े हैं। सेब बगीचा विकसित करने के लिए किसानों के आवेदन मिल रहे हैं। सेब की आधुनिक प्रजातियों के लिए जिले का मौसम अनुकूल है। - सतीश कुमार शर्मा, मुख्य उद्यान अधिकारी, अल्मोड़ा।