फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Alternative politics is important in Uttarakhand: Ukrand

परिकल्पना साकार करने के लिए उत्तराखंड में वैकल्पिक राजनीति जरूरी

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 12 Oct 2020 04:42 PM IST
विज्ञापन
Alternative politics is important in Uttarakhand: Ukrand
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड में वैकल्पिक राजनीति की संभावना विषय पर आयोजित वेबिनार कार्यक्रम में वक्ताओं ने उत्तराखंड राज्य की परिकल्पना को साकार करने के लिये वैकल्पिक राजनीति को जरूरी बताया। कहा कि स्थानीय मुद्दों की संवेदनशीलता को समझते हुए ही आम लोगों के लिए नीतियां बनाई जा सकती हैं। देश के विभिन्न राज्यों में जिस तरह से क्षेत्रीय राजनीतिक दलों ने वैकल्पिक राजनीति के क्षेत्र को भरा है, उत्तराखंड में भी इसी तरह की जरूरत है।
विज्ञापन

उक्रांद के ‘20 साल, कई सवाल’ वेबिनार कार्यक्रम पत्रकार और राज्य आंदोलनकारी चारु तिवारी ने आयोजित किया। वक्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड राज्य की मांग ही राजनीतिक विकल्प से उपजी थी। लेकिन इस क्षेत्र में खास प्रगति नहीं हो सकी। यही वजह है कि जो भी हिमालय विरोधी लोग हैं, उन्हें बार-बार सत्ता मिल रही है।
विज्ञापन

देश में भी क्षेत्रीय अस्मिता के सवाल पर लोग अपने क्षेत्रीय दलों को स्थापित करते रहे हैं, लेकिन उत्तराखंड राज्य की स्थापना के बाद भी राज्य में क्षेत्रीय राजनीतिक शक्तियां अपना स्थान नहीं बना पाई हैं। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक योगेश भट्ट ने कहा कि राज्य बनने के 20 साल बाद भी हमें इस विषय पर बात करनी पड़ रही है कि राज्य में वैकल्पिक अथवा हमारे बीच के लोगों के लिए राजनीति है भी या नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

वरिष्ठ पत्रकार दिनेश जुयाल ने कहा कि क्षेत्रीय अस्मिता के सवाल को उठाने वाला उक्रांद का राजनीति और राज्यों की क्षेत्रीय ताकतों के मुकाबले प्रभावी न होना चिंता का विषय है। उक्रांद के वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी ने कहा कि हमने हमेशा राज्य के तमाम सवालों को हर मंच से उठाने की कोशिश की। कुछ आरोप भी हैं कि हमने भाजपा-कांग्रेस के साथ गठबंधन किया।

उक्रांद नेता और पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी ने कहा कि यह ठीक बात है कि जनता के कई बार भाजपा-कांग्रेस से निजात पाने के आक्रोश को हम हकीकत में नहीं बदल पाए। यहीं से हमारी चुनौती शुरू होती है। युवा पत्रकार और विश्लेषक राहुल कोटियाल ने भी विचार रखे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed