फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Almora News ›   Almora: No blood in Almora Medical College

Almora : अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में खून नहीं...बेटे की जान बचाने को तय किया 190 किमी का सफर

Mon, 17 Jul 2023 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा
अमर उजाला नेटवर्क, अल्मोड़ा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 17 Jul 2023 05:40 AM IST
सार

बेटे की सांस लौटाने के लिए एक पिता ने रात में ही अल्मोड़ा से 190 किमी का सफर तय किया। रात में ही वह हल्द्वानी से ब्लड लाए तब जाकर बच्चे को चढ़ाया गया।

विज्ञापन
Almora: No blood in Almora Medical College
demo pic...

विस्तार

अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में ब्लड न मिलने के कारण डेढ़ महीने के बच्चे की जान पर बन आई। बेटे की सांस लौटाने के लिए एक पिता ने रात में ही अल्मोड़ा से 190 किमी का सफर तय किया। रात में ही वह हल्द्वानी से ब्लड लाए तब जाकर बच्चे को चढ़ाया गया।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक सोमेश्वर क्षेत्र के घनश्याम भाकुनी के डेढ़ महीने के बेटे कार्तिक को सांस लेने में दिक्कत हुई थी। 14 दिन पहले वह उसे लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे बेस अस्पताल में भर्ती किया। उसके शरीर में खून की कमी मिली। चार दिन पहले उसका स्वास्थ्य बिगड़ गया। 
विज्ञापन


डॉक्टर ने खून की जरूरत बताई लेकिन मेडिकल कॉलेज और बेस अस्पताल में ब्लड बैंक न होने से उसे खून नहीं मिल सका। घनश्याम ने खून के लिए जिला अस्पताल की दौड़ लगाई लेकिन मायूसी हाथ लगी। अस्पताल में भी ए पॉजिटिव ग्रुप का खून नहीं था। इस पर पिता को हल्द्वानी दौड़ना पड़ा। वह खराब मौसम के बीच शाम चार बजे किसी तरह हल्द्वानी के लिए रवाना हुए। रातों-रात खून लेकर लौट भी आए। आधी रात को बच्चे को खून चढ़ाया गया और तब जाकर उसकी जान बच सकी। इस व्यवस्था ने स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के सभी दावों के खोखलेपन की पोल खोलने का काम किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


12 बजे रिपोर्ट आई पर शाम को बताया
बीमार बच्चे के पिता ने आरोप लगाया है कि मासूम की खून जांच की रिपोर्ट दोपहर 12 बजे ही आ गई थी लेकिन चिकित्सकों ने खून की जरूरत के संबंध में नहीं बताया। हालांकि खून की कमी बताई गई पर खून चढ़ाने को लेकर जानकारी नहीं दी गई। शाम करीब चार बजे खून मंगवाया गया। मेडिकल कालेज में खून नहीं होने पर उन्हें जिला अस्पताल जाना पड़ा।
जिला अस्पताल में भी खून नहीं था।

दम तोड़ती उम्मीद
मेडिकल कॉलेज और इसके अधीन बेस अस्पताल में बेहतर उपचार की उम्मीद दम तोड़ रही है। हालात यह हैं कि संचालन के दो साल बाद भी 370 करोड़ रुपये के मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक तक स्थापित नहीं हो सका, जिसकी कीमत मरीज चुका रहे हैं।


मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक चलाने के लिए नहीं मिल रहे विशेषज्ञ
मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक बनकर तैयार हो गया है। करोड़ों की लागत से मशीन खरीदी गईं हैं लेकिन इसे संचालित करने के लिए विशेषज्ञ नहीं मिल रहे। कॉलेज प्रबंधन से के अनुसार इसके संचालन के लिए जरूरी एक प्रोफेसर, एक एसोसिएट प्रोफेसर और एक असिस्टेंट प्रोफेसर की तैनाती होनी है। कई बार इसके लिए विज्ञप्ति जारी की गई है। बावजूद इसके अब तक किसी ने भी यहां तैनाती नहीं ली है। इन हालातों में अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने के दावे हो रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed