धूल फांक रहा जेल को राष्ट्रीय स्मारक बनाने का प्रस्ताव
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देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू दो बार अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जेल में रहे और अंतिम बार 15 जून 1945 को पंडित नेहरू अल्मोड़ा जेल से ही रिहा हुए।
इस जेल को राष्ट्रीय स्मारक बनाने का प्रस्ताव बरसों से अटका हुआ है। कुछ दिन पूर्व प्रदेश के गृह सचिव विनोद शर्मा ने भी अल्मोड़ा आकर अन्यत्र जेल के लिए जगह चिन्हित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक जेल को शिफ्ट करने के बारे में अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
आजादी के आंदोलन के दौरान अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जेल में पंडित जवाहर लाल नेहरू दो बार कैद रखे गए। उनके अलावा कई महान स्वतंत्रता सेनानी भी यहां रखे गए। पंडित जवाहर लाल नेहरू पहली बार 28 अक्तूबर 1934 से तीन सितंबर 1935 तक इस जेल में रहे।
इस दौर में पंडित नेहरू की पत्नी कमला नेहरू बीमार थीं और उन्हें स्वास्थ्य लाभ के लिए नैनीताल के निकट स्थित भवाली सेनिटोरियम में रखा गया था। उनकी बीमारी को देखते हुए पंडित नेहरू को नैनी से अल्मोड़ा जेल स्थानांतरित किया गया।
इधर पिछले माह प्रदेश के गृह सचिव विनोद शर्मा ने अल्मोड़ा जेल का भ्रमण कर जिला प्रशासन के अधिकारियों को नई जेल बनाने के लिए स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए थे। फिलहाल जेल शिफ्ट करने के बारे में अंतिम फैसला नहीं हो सका है।