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अल्मोड़ा जेल को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की योजना अधर में
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
Updated Sun, 14 Aug 2016 11:56 PM IST
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अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जेल
- फोटो : अमर उजाला
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा की ऐतिहासिक जिला जेल को राष्ट्रीय स्मारक बनाने की योजना लंबे समय बाद भी मूर्तरूप नहीं ले सकी है। अल्मोड़ा जिला जेल में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान पंडित जवाहर लाल नेहरू सहित कई जाने माने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रहे। ब्रिटिश शासनकाल में अल्मोड़ा जेल बनी।
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प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी भारत के प्रथम प्रधानमंत्री रहे पं. जवाहर लाल नेहरू स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान अल्मोड़ा के ऐतिहासिक जिला जेल में 28 अक्तूबर 1934 से तीन सितंबर 1935 तक रहे। दोबारा 10 जून 1945 से 15 जून 1945 तक फिर उन्हें यहां रखा गया। पंडित नेहरू ने अपनी पुस्तक डिस्कवरी ऑफ इंडिया के कुछ अंश भी यहां लिखे।
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जेल के जिस वार्ड में पंडित नेहरू को रखा गया वह अब नेहरू वार्ड के नाम से जाना जाता है। इस दौरान पं. नेहरू के खाने के बर्तन पीतल की थाली, कटोरा, गिलास, लोटा, उजाले के लिए प्रयोग में लाए गए दीये को भी संग्रहीत किया गया है। जेल में रहने के दौरान पं. नेहरू ने खादी की कताई के लिए चरखा भी चलाया था। चरखा भी यहां मौजूद है। पं. नेहरू द्वारा प्रयोग की गई कुर्सी, मेज, चारपाई धरोहर के रूप में यहां रखे गए हैं।
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इस मुख्य भवन के ठीक सामने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्मृति पटल भी बना है। इसमें स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के नाम लिखे हैं। अल्मोड़ा जेल में पं. नेहरू के अलावा खान अब्दुल गफ्फार खान, गोविंद बल्लभ पंत, आचार्य नरेंद्र देव, हरगोविंद पंत, विक्टर मोहन जोशी, देवीदत्त पंत, बद्रीदत्त पांडे, सैयद अली जहीर, दुर्गा सिंह रावत आदि स्वतंत्रता सेनानी भी रहे। अल्मोड़ा जेल को लंबे समय से राष्ट्रीय स्मारक बनाने की मांग की जा रही है, ताकि यह एक अच्छे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सके, लेकिन लंबे समय बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।