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Almora News: अल्मोड़ा में पुराने टायरों के भरोसे सड़कों पद दौड़ रही हैं रोडवेज की बसें
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अल्मोड़ा रोडवेज बसों के खस्ताहाल टायर।संवाद फाइल नंबर 03 की खबर की.फोटो
- फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड परिवहन निगम का अल्मोड़ा डिपो टायरों की कमी से जूझ रहा है। पुराने टायरों के भरोसे बसों को सड़कों पर दौड़ाया जा रहा है, जिससे खतरा बढ़ गया है। पाले के बीच पुराने टायरों के भरोसे बसों का संचालन करना कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
अल्मोड़ा डिपो से जिले के विभिन्न हिस्सों के लिए हर रोज 20 से अधिक बसें चलती हैं। लेकिन इन बसों के लिए नए टायरों की कमी बनी हुई है। डिपो ने 20 से अधिक टायरों की मांग की लेकिन उसे महज 12 टायर ही मिल सके। ऐसे में पुराने टायरों के भरोसे बसों दौड़ाना डिपो की मजबूरी बन गया है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सड़कों पर गिर रहे पाले के बीच बसों का संचालन करने में चालकों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
नाम न बताने की शर्त पर बस चालकों ने कहा कि पुराने टायर पाले में रपट रहे हैं। बमुश्किल बसों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में बदहाल टायरों वाली बसों में सुरक्षित सफर करना यात्रियों के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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सीटें भी बदहाल, खिड़कियों के शीशों की पैकिंग भी उखड़ी
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिपो से संचालित कई बसों में सीटें फटी हैं तो कई में खिड़कियों के शीशों की पैकिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनसे घुसने वाली सर्द हवा कड़ाके की ठंड में यात्रियों की मुश्किल बढ़ा रही है।
कोट-
फिलहाल टायरों की कमी नहीं है। बीते सप्ताह डिपो को 12 नए टायर मिले हैं। पुराने टायरों में रबर चढ़ाने का काम भी समय-समय पर होता है। सीटों की रिपेयरिंग भी समय-समय पर होती है।
राजेंद्र कुमार आर्या, सहायक प्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।
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अल्मोड़ा डिपो से जिले के विभिन्न हिस्सों के लिए हर रोज 20 से अधिक बसें चलती हैं। लेकिन इन बसों के लिए नए टायरों की कमी बनी हुई है। डिपो ने 20 से अधिक टायरों की मांग की लेकिन उसे महज 12 टायर ही मिल सके। ऐसे में पुराने टायरों के भरोसे बसों दौड़ाना डिपो की मजबूरी बन गया है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। सड़कों पर गिर रहे पाले के बीच बसों का संचालन करने में चालकों को खासी दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
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नाम न बताने की शर्त पर बस चालकों ने कहा कि पुराने टायर पाले में रपट रहे हैं। बमुश्किल बसों का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में बदहाल टायरों वाली बसों में सुरक्षित सफर करना यात्रियों के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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सीटें भी बदहाल, खिड़कियों के शीशों की पैकिंग भी उखड़ी
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा डिपो से संचालित कई बसों में सीटें फटी हैं तो कई में खिड़कियों के शीशों की पैकिंग क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। इनसे घुसने वाली सर्द हवा कड़ाके की ठंड में यात्रियों की मुश्किल बढ़ा रही है।
कोट-
फिलहाल टायरों की कमी नहीं है। बीते सप्ताह डिपो को 12 नए टायर मिले हैं। पुराने टायरों में रबर चढ़ाने का काम भी समय-समय पर होता है। सीटों की रिपेयरिंग भी समय-समय पर होती है।
राजेंद्र कुमार आर्या, सहायक प्रबंधक, अल्मोड़ा डिपो।