{"_id":"64763ac98e1c2018f2045c49","slug":"almora-108-emergency-service-heart-treatment-almora-news-c-8-1-155281-2023-05-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Almora News: अल्मोड़ा के अस्पतालों में 374 लोगों को नहीं मिला दिल का इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Almora News: अल्मोड़ा के अस्पतालों में 374 लोगों को नहीं मिला दिल का इलाज
Tue, 30 May 2023 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Tue, 30 May 2023 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में 108 आपातकालीन सेवा से मिले आंकड़ों ने जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के दावों की पोल खोल दी है। आकड़ों के मुताबिक जिले के अस्पतालों में एक साल में 374 मरीजों को दिल का इलाज नहीं मिल सका। जिले के हर क्षेत्र से इन सभी मरीजों को जिला मुख्यालय पहुंचाया गया तब जाकर उन्हें इलाज नसीब हुआ।
राज्य गठन के 23 वर्ष बाद भी अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो सकी हैं। 108 आपातकालीन सेवा के मुताबिक मार्च 2022 से मार्च 2023 तक जिले के सभी 11 विकासखंडों में 374 लोगों को दिल का दौरा पड़ा लेकिन हर विकासखंड में खोले गए सीएचसी में उन्हें कहीं भी इलाज नहीं मिला। ऐसे में उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला मुख्यालय लाया गया। इनमें से 80 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही 25 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
अगर स्थानीय स्तर पर खोले गए अस्पतालों में ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाती तो शायद इनमें से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।
फिजिशियन के भरोसे हो रहा दिल का इलाज
अल्मोड़ा। जिले में मेडिकल कॉलेज, बेस अस्पताल, जिला अस्पताल का संचालन हो रहा है लेकिन इन बड़े अस्पतालों में दिल का एक डॉक्टर भी तैनात नहीं है। ऐसे में दिल के मरीजों को फिजिशियन के भरोसे इलाज कराना मजबूरी बन गया है। संवाद
विज्ञापन
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में हुई कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती
अल्मोड़ा। कार्डियोलॉजिस्ट के मामले में अल्मोड़ा जिले के नाम हालिया दिनों में बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। दो माह पहले रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती हुई है। यह अस्पताल कुमाऊं का एकमात्र अस्पताल है जहां दिल के डॉक्टर तैनात हैं। संवाद
एक साल में 108 एंबुलेंस ने जिले के विभिन्न हिस्सों से 374 मरीजों को जिला मुख्यालय पहुंचाया। स्थानीय स्तर पर कार्डियोलॉजिस्ट तैनात न होने से ऐसे मरीजों को जिला मुख्यालय ही लाया जाता है। मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए 108 गंभीर है। -महेश कुमार, जिला प्रभारी, 108 आपातकालीन सेवा, अल्मोड़ा।
विज्ञापन
राज्य गठन के 23 वर्ष बाद भी अल्मोड़ा में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर नहीं हो सकी हैं। 108 आपातकालीन सेवा के मुताबिक मार्च 2022 से मार्च 2023 तक जिले के सभी 11 विकासखंडों में 374 लोगों को दिल का दौरा पड़ा लेकिन हर विकासखंड में खोले गए सीएचसी में उन्हें कहीं भी इलाज नहीं मिला। ऐसे में उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला मुख्यालय लाया गया। इनमें से 80 मरीजों को हायर सेंटर रेफर किया गया लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही 25 मरीजों ने दम तोड़ दिया।
विज्ञापन
अगर स्थानीय स्तर पर खोले गए अस्पतालों में ही मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल जाती तो शायद इनमें से कई मरीजों की जान बचाई जा सकती थी।
फिजिशियन के भरोसे हो रहा दिल का इलाज
अल्मोड़ा। जिले में मेडिकल कॉलेज, बेस अस्पताल, जिला अस्पताल का संचालन हो रहा है लेकिन इन बड़े अस्पतालों में दिल का एक डॉक्टर भी तैनात नहीं है। ऐसे में दिल के मरीजों को फिजिशियन के भरोसे इलाज कराना मजबूरी बन गया है। संवाद
विज्ञापन
रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में हुई कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती
अल्मोड़ा। कार्डियोलॉजिस्ट के मामले में अल्मोड़ा जिले के नाम हालिया दिनों में बड़ी उपलब्धि जुड़ी है। दो माह पहले रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती हुई है। यह अस्पताल कुमाऊं का एकमात्र अस्पताल है जहां दिल के डॉक्टर तैनात हैं। संवाद
एक साल में 108 एंबुलेंस ने जिले के विभिन्न हिस्सों से 374 मरीजों को जिला मुख्यालय पहुंचाया। स्थानीय स्तर पर कार्डियोलॉजिस्ट तैनात न होने से ऐसे मरीजों को जिला मुख्यालय ही लाया जाता है। मरीजों को बेहतर सेवा देने के लिए 108 गंभीर है। -महेश कुमार, जिला प्रभारी, 108 आपातकालीन सेवा, अल्मोड़ा।