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रेजीमेंट में मदिरा के कोटे के दुरुपयोग की शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
Updated Wed, 02 Nov 2016 11:18 PM IST
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जिला आबकारी अधिकारी मनोज उपाध्याय ने नाइन कुमाऊं रेजीमेंट के अधिकारियों को पत्र भेजकर सैन्य कर्मियों के मासिक कोटे की मदिरा के दुरुपयोग पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने पर एक पक्षीय कार्यवाही करने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इस संबंध में प्रशासन द्वारा मामले के निस्तारण की कार्रवाई की जा रही है।
जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि नाइन कुमाऊं रेजीमेंट के अधिकारियों द्वारा सैनिकों के कोटे की शराब का दुरुपयोग की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही थी। इस पर उन्होंने 29 मई और 27 सितंबर को रेजीमेंट की सैन्य कैंटीन का आकस्मिक निरीक्षण भी किया था।
निरीक्षण में मई और सितंबर में एक हजार बोतलों की अनियमितता मिली है और स्टाफ पंजिका में भी अंकन अपूर्ण पाया गया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सैन्य इकाईयों द्वारा मनाए जाने वाले रजत जयंती और स्वर्ण जयंती समारोहों के अवसर पर उपभोग की जाने वाली मदिरा के लिए अलग से अनुमति प्राप्त कर सैन्य मदिरा थोक डिपो से प्राप्त करके उपभोग करने का प्राविधान है।
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जबकि छह सितंबर से आठ सितंबर तक मनाए गए स्वर्ण जयंती समारोह के लिए ऐसी कोई अनुमति प्राप्त नहीं की गई है और नियमों के विपरीत सेवारत सैन्य कर्मियों के मासिक कोटे की मदिरा का वितरण उन्हें करने के बजाय स्वर्ण जयंती समारोह में आए सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मियों को किया गया जो कि अनुचित है। उन्होंने बताया कि इससे एक तरफ सेवारत सैन्य कर्मचारियों को उनके मासिक कोटे के सापेक्ष मदिरा का वितरण नहीं किया जा सका दूसरी तरफ अतिरिक्त मदिरा उठाकर राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है।
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जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि नाइन कुमाऊं रेजीमेंट के अधिकारियों द्वारा सैनिकों के कोटे की शराब का दुरुपयोग की शिकायत लगातार प्राप्त हो रही थी। इस पर उन्होंने 29 मई और 27 सितंबर को रेजीमेंट की सैन्य कैंटीन का आकस्मिक निरीक्षण भी किया था।
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निरीक्षण में मई और सितंबर में एक हजार बोतलों की अनियमितता मिली है और स्टाफ पंजिका में भी अंकन अपूर्ण पाया गया है। उन्होंने कहा कि नियमानुसार सैन्य इकाईयों द्वारा मनाए जाने वाले रजत जयंती और स्वर्ण जयंती समारोहों के अवसर पर उपभोग की जाने वाली मदिरा के लिए अलग से अनुमति प्राप्त कर सैन्य मदिरा थोक डिपो से प्राप्त करके उपभोग करने का प्राविधान है।
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जबकि छह सितंबर से आठ सितंबर तक मनाए गए स्वर्ण जयंती समारोह के लिए ऐसी कोई अनुमति प्राप्त नहीं की गई है और नियमों के विपरीत सेवारत सैन्य कर्मियों के मासिक कोटे की मदिरा का वितरण उन्हें करने के बजाय स्वर्ण जयंती समारोह में आए सेवानिवृत्त और सेवारत कर्मियों को किया गया जो कि अनुचित है। उन्होंने बताया कि इससे एक तरफ सेवारत सैन्य कर्मचारियों को उनके मासिक कोटे के सापेक्ष मदिरा का वितरण नहीं किया जा सका दूसरी तरफ अतिरिक्त मदिरा उठाकर राजस्व को क्षति पहुंचाई गई है।