{"_id":"cfb1a1e157a9ed1142790651a8a5355d","slug":"agroforestry-can-increase-the-villagers-livelihood-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषि वानिकी से बढ़ सकती ग्रामीणों की आजीविका ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषि वानिकी से बढ़ सकती ग्रामीणों की आजीविका
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, रानीखेत (अल्मोड़ा)।
Updated Thu, 25 Feb 2016 11:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रामीणों की आर्थिकी के विकास में कृषि वानिकी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। इसके लिए विभागों और ग्रामीणों के बीच समन्वय स्थापित करना होगा।
विज्ञापन
यह बात डीएफओ कल्याणी ने ग्रामीण आजीविका के संवर्धन में कृषि वानिकी की संभावनाएं विषय पर यहां कालिका स्थित अनुसंधान वन क्षेत्र कार्यालय में आयोजित कार्यशाला में कही। उन्होंने उपस्थित सरपंचों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के साथ इस संबंध में कई टिप्स भी दिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खेती किसानी आर्थिकी की रीढ़ रही है, इसे संवारने के लिए हर संभव प्रयास करने होंगे। ग्रामीणों को खेती बाड़ी के प्रति और भी जागरूक होकर कार्य करना होगा। खेती किसानी पर निर्भरता कायम रहे इसके लिए विभाग भी ग्रामीणों के साथ समन्वय बिठाने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
वानिकी के माध्यम से आजीविका अर्जित की जा सकती है, इस कार्य में मेहनत और लगन की आवश्यकता होती है। पशु चिकित्साधिकारी डा. ममता यादव, मजखाली के पशु चिकित्साधिकारी डा. कमल ने भी ग्रामीणों को तमाम जानकारियां दी।
बनोलिया के सरपंच नरेंद्र सिंह बिष्ट, प्रधान मीना देवी, मंगचौड़ा के प्रधान जयपाल सिंह मेहरा, प्रधान राजेंद्र सिंह बिष्ट, बीडीसी सदस्य राजेंद्र सिंह बिष्ट, मौना के प्रधान बलवंत सिंह, खनिया के पूर्व प्रधान दर्शन बिष्ट ने विचार रखे और कृषि वानिकी के क्षेत्र में विभागीय अधिकारियों से ग्रामीणों के मार्गदर्शन करने की भी अपील की।
वन क्षेत्राधिकारी अनुसंधान आशुतोष जोशी, बीज वन क्षेत्राधिकारी आरपी जोशी सहित तमाम कर्मचारी और ग्रामीण मौजूद थे। संचालन सहायक वन वर्धनिकी डीके पांडे ने किया।