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आयो रे नवल वसंत बहार...
ब्यूरो/अमर उजाला, अल्मोड़ा।
Updated Sat, 24 Jan 2015 11:27 PM IST
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जिले में वसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास पूर्वक मनाया गया। लोगों ने जौ की पौध भगवान को अर्पित कर पीले कपड़े पहने। थपलिया स्थित गायत्री प्रज्ञापीठ और गायत्री साधना केंद्र चितई में यज्ञोपवीत, कर्णभेद, मुंडन आदि संस्कार भी हुए। उधर श्री सांई मंदिर में पूजा पाठ, भजन कीर्तन के बाद हुए भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
वसंत पंचमी पर्व पर लोगों ने मंदिरों में जौ की पत्तियां अर्पित कर शिरोधार्य की।
बच्चों में वसंत पंचमी को लेकर खासा उत्साह था। घरों में पकवान भी बनाए। सरस्वती पूजन भी किया गया। पंचमी पर बालिकाओं के नाक, कान छेदने की भी परंपरा है। कई लोगों ने अपनी पुत्रियों के नाक और कान भी छिदवाए।
गायत्री प्रज्ञा पीठ थपलिया में 33 यज्ञोपवीत, 30 कर्णभेद और दो मुंडन संस्कार हुए।
शहर के सांई मंदिर में वसंत पंचमी पर पूजा अर्चना और भजन कीर्तन हुआ। बाद में हुए भंडारे में काफी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
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वसंत पंचमी पर्व पर लोगों ने मंदिरों में जौ की पत्तियां अर्पित कर शिरोधार्य की।
बच्चों में वसंत पंचमी को लेकर खासा उत्साह था। घरों में पकवान भी बनाए। सरस्वती पूजन भी किया गया। पंचमी पर बालिकाओं के नाक, कान छेदने की भी परंपरा है। कई लोगों ने अपनी पुत्रियों के नाक और कान भी छिदवाए।
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गायत्री प्रज्ञा पीठ थपलिया में 33 यज्ञोपवीत, 30 कर्णभेद और दो मुंडन संस्कार हुए।
शहर के सांई मंदिर में वसंत पंचमी पर पूजा अर्चना और भजन कीर्तन हुआ। बाद में हुए भंडारे में काफी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।