चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ‘नशा नहीं रोजगार दो, काम का अधिकार दो’ की 37वीं वर्षगांठ के दूसरे दिन बुधवार को चांदीखेत से मुख्य बाजार होते हुए चौखुटिया क्रांतिवीर चौराहे तक जुलूस निकाला गया। इस मौके पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि राज्य के हित में सभी संघर्षशील ताकतों को एकजुट होकर तीसरे विकल्प के रूप में आगे आना होगा। सभा में गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने, जंगली जानवरों से निजात दिलाने, युवाओं को स्थायी रोजगार देने की मांग रखी गई। इस दौरान जाग रे पहाड़ जाग, ततुक नि लगा उदेख घुनन मुनई नि टेक जैसे जनगीतों का सिलसिला भी चलता रहा।
उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि पिछले 20 वर्षों से प्रदेश में राज करने वाली सरकारों ने राज्य की अवधारणा के साथ खिलवाड़ कर इसे खोखला और बदरंग कर दिया है। आज भी स्थायी राजधानी का मुद्दा अधर में लटका है। नशे की बढ़ती लत और भू माफियाओं के कब्जे से पहाड़ का जनमानस त्रस्त है। अन्य वक्ताओं ने कहा कि सरकारी नीतियों के चलते पहाड़ों में खेती-किसानी चौपट हो गई है। जंगली जानवरों ने कृषि आधारित हमारी आर्थिकी को चौपट कर पलायन के लिए ग्रामीणों को मजबूर कर दिया है। रामगंगा सेवा समिति के एलडी मठपाल की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में जसी राम, प्रभात ध्यानी, महेश फुलारा, महेश पांडे, ललित मोहन, डीके जोशी, आनंदी वर्मा, नारायण सिंह बिष्ट, किरण आर्य, जगदीश ममगई आदि ने विचार रखे।