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माओवाद के नाम पर उत्पीड़न के खिलाफ प्रदर्शन
Almora
Updated Fri, 23 May 2014 05:33 AM IST
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अल्मोड़ा। माओवादी गतिविधि के संदेह में पुलिस द्वारा भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) के प्रांतीय अध्यक्ष यूसुफ तिवारी का उत्पीड़न करने का आरोप लगाते हुए डीवाईएफआई कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकाला। गांधी पार्क में हुई सभा में मुख्यमंत्री से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की एसओजी टीम ने यूसुफ तिवारी को थाने में बुलाकर चार घंटे थाने में बैठाकर मानसिक उत्पीड़न किया। उन्होंने कहा कि डीवाईएफआई देश में युवाओं का सबसे बड़ा संगठन है। जिसके देश भर में 1.76 करोड़ सदस्य हैं। संगठन देशभर में शिक्षा, रोजगार के सवाल पर युवाओं को लोकतांत्रिक आंदोलन से जोड़ने के लिए कार्य कर रहा है। ऐसे में संगठन के पदाधिकारी के खिलाफ पुलिस का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बंगाल और देश के अन्य राज्यों में संगठन के कार्यकर्ताओं ने माओवाद, उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ शहादत दी है। अकेले बंगाल में पिछले कुछ माह में एक हजार से अधिक लोग माओवादी हिंसा का शिकार हुए हैं। जिनमें काफी संख्या में सभा के कार्यकर्ता हैं। वहीं पंजाब में आतंकवाद से मुकाबला करते हुए संगठन की पूरी प्रांतीय कमेटी शहीद हो गई थी।
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सभा के पश्चात नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट प्रांगण तक जुलूस निकाला। प्रदर्शन में अंजुमन सेवा समिति के नूर अकरम, सरफराज हसैन, शफीक, मशरुर आलम, व्यापार संघ नगर अध्यक्ष संजय साह रिक्खू, जनवादी महिला समिति की सुनीता पांडे, राधा नेगी, चंदा राना, राधा नेगी, नलिनी पंत, मुन्नी प्रसाद, प्रेमा पांडे, आल इंडिया लायर्स यूनियन के योगेश पचौलिया, योगेश टम्टा, सभासद अशोक पांडे, उत्तराखंड बार कौंसिल के उपाध्यक्ष एनएस कन्याल, सीटू के राजेंद्र नेगी, किशन भंडारी, दिनेश पांडे, यूकेडी के मुमताज कश्मीरी, शिवराज बनौला, गुरिल्ला संगठन की आनंदी मेहरा, अजरा परवीन, नूरजहां, मो. मोहसिन, जियाउर रहमान, शंभू राणा, संतोष किरौला, एसएफआई के लेखराज, अभिषेक भंडारी आदि ने भाग लिया। अध्यक्षता दिनेश पांडे ने और संचालन सुशील तिवारी ने किया।
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वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस की एसओजी टीम ने यूसुफ तिवारी को थाने में बुलाकर चार घंटे थाने में बैठाकर मानसिक उत्पीड़न किया। उन्होंने कहा कि डीवाईएफआई देश में युवाओं का सबसे बड़ा संगठन है। जिसके देश भर में 1.76 करोड़ सदस्य हैं। संगठन देशभर में शिक्षा, रोजगार के सवाल पर युवाओं को लोकतांत्रिक आंदोलन से जोड़ने के लिए कार्य कर रहा है। ऐसे में संगठन के पदाधिकारी के खिलाफ पुलिस का गैरजिम्मेदाराना व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि बंगाल और देश के अन्य राज्यों में संगठन के कार्यकर्ताओं ने माओवाद, उग्रवाद और आतंकवाद के खिलाफ शहादत दी है। अकेले बंगाल में पिछले कुछ माह में एक हजार से अधिक लोग माओवादी हिंसा का शिकार हुए हैं। जिनमें काफी संख्या में सभा के कार्यकर्ता हैं। वहीं पंजाब में आतंकवाद से मुकाबला करते हुए संगठन की पूरी प्रांतीय कमेटी शहीद हो गई थी।
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सभा के पश्चात नारेबाजी करते हुए कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट प्रांगण तक जुलूस निकाला। प्रदर्शन में अंजुमन सेवा समिति के नूर अकरम, सरफराज हसैन, शफीक, मशरुर आलम, व्यापार संघ नगर अध्यक्ष संजय साह रिक्खू, जनवादी महिला समिति की सुनीता पांडे, राधा नेगी, चंदा राना, राधा नेगी, नलिनी पंत, मुन्नी प्रसाद, प्रेमा पांडे, आल इंडिया लायर्स यूनियन के योगेश पचौलिया, योगेश टम्टा, सभासद अशोक पांडे, उत्तराखंड बार कौंसिल के उपाध्यक्ष एनएस कन्याल, सीटू के राजेंद्र नेगी, किशन भंडारी, दिनेश पांडे, यूकेडी के मुमताज कश्मीरी, शिवराज बनौला, गुरिल्ला संगठन की आनंदी मेहरा, अजरा परवीन, नूरजहां, मो. मोहसिन, जियाउर रहमान, शंभू राणा, संतोष किरौला, एसएफआई के लेखराज, अभिषेक भंडारी आदि ने भाग लिया। अध्यक्षता दिनेश पांडे ने और संचालन सुशील तिवारी ने किया।