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जेल में कैदियों से मिली प्रतिबंधित सामग्री
Almora
Updated Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
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अल्मोड़ा। जिला जज कंवर सैन, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद सुल्तान, जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता और पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने मंगलवार को जिला जेल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में न्यायिक तथा प्रशासनिक अधिकारियों को कारागार में कई अनियमितताएं और खामियां मिलीं। अधिकारियों को कैदियों से कई प्रतिबंधित सामग्रियां भी मिलीं। जिलाधिकारी अक्षत गुप्ता ने बताया कि जेलर से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
मंगलवार को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों का दल औचक निरीक्षण के लिए जिला कारागार पहुंचा। निरीक्षण में अधिकारियों को कारागार के भीतर प्रतिबंधित सामग्री बीड़ी, माचिस, सिगरेट, ब्लेड, बेल्ट, कई कैदियों के पास खाद्य सामग्री, एल्कोहल युक्त खांसी की दवा ‘कोरेक्स’ मिली। चेकिंग के दौरान कई कैदियों के पास से नकद धनराशि भी मिली। मौके पर ही यह सभी सामग्री जब्त कर जमा कर ली गई। न्यायिक तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने जेलर को निर्देश दिए कि भविष्य में जेल के भीतर आपत्तिजनक तथा प्रतिबंधित सामान कतई नहीं रहना चाहिए। समय-समय पर बंदियों तथा बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों के सामान की भी जांच की जाए।
उन्होंने जेल के विभिन्न वार्डों, भोजनालय, मेडिकल रूम का भी मुआयना किया। कारागार में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। महिला वार्ड में बंद छह बंदिनियों का अधिकारियों ने हालचाल जाना। निरीक्षण टीम ने कहा कि जेल की सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी जेलर पर होती है। जेलर अशोक कुमार ने जेल की जीर्ण-शीर्ण दीवारों तथा विद्युत लाइनों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया। जिस पर डीएम ने प्रस्ताव बनाकर देने को कहा।
मंगलवार को प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों का दल औचक निरीक्षण के लिए जिला कारागार पहुंचा। निरीक्षण में अधिकारियों को कारागार के भीतर प्रतिबंधित सामग्री बीड़ी, माचिस, सिगरेट, ब्लेड, बेल्ट, कई कैदियों के पास खाद्य सामग्री, एल्कोहल युक्त खांसी की दवा ‘कोरेक्स’ मिली। चेकिंग के दौरान कई कैदियों के पास से नकद धनराशि भी मिली। मौके पर ही यह सभी सामग्री जब्त कर जमा कर ली गई। न्यायिक तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने जेलर को निर्देश दिए कि भविष्य में जेल के भीतर आपत्तिजनक तथा प्रतिबंधित सामान कतई नहीं रहना चाहिए। समय-समय पर बंदियों तथा बंदियों से मिलने आने वाले परिजनों के सामान की भी जांच की जाए।
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उन्होंने जेल के विभिन्न वार्डों, भोजनालय, मेडिकल रूम का भी मुआयना किया। कारागार में सफाई व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई। महिला वार्ड में बंद छह बंदिनियों का अधिकारियों ने हालचाल जाना। निरीक्षण टीम ने कहा कि जेल की सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी जेलर पर होती है। जेलर अशोक कुमार ने जेल की जीर्ण-शीर्ण दीवारों तथा विद्युत लाइनों की ओर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया। जिस पर डीएम ने प्रस्ताव बनाकर देने को कहा।
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