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सात दिन में तेंदुए ने तीन बैल, एक बछिया समेत एक दर्जन मवेशियों को मार डाला
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अल्मोड़ा। लमगड़ा ब्लॉक कई गांवों में तेंदुए की सक्रियता से गांव के लोग आतंकित हैं। इन गांवों में तेंदुआ एक सप्ताह में तीन बैल, एक बछिया समेत एक दर्जन मवेशियों का शिकार कर चुका है। तेंदुए की डर से महिलाएं अकेले घास लेने जंगल नहीं जा रही हैं।
जिले के लमगड़ा विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत गणाऊं, चौकुना, बरम, सैनोली, दाड़िमी, नौगांव, सीम, बरम, कुंज, सूरी, बाराकोट, पुभाऊं बिनौला, भाबू आदि गांवों में लोग तेंदुए की सक्रियता से डरे हुए हैं। यहां तेंदुए ने एक सप्ताह के भीतर ही ग्राम पंचायत गणाऊं में नवीन चंद्र भट्ट का बैल, पप्पू भट्ट की बछिया, दो लावारिस बैल समेत एक दर्जन मवेशियों को मार चुका है। तेंदुए के भय से ग्रामीण दिन ढलने के बाद अकेले घर से बाहर आने और जंगलों के रास्तों से अकेले आवाजाही करने से डर रहे हैं।
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लैंटाना की झाड़ियों को बनाया आशियाना
गणाऊं के सरपंच नवीन भट्ट ने बताया कि पलायन से बंजर पड़ी गांव की भूमि पर लैंटाना की झाड़ियां उगी हुई हैं। तेंदुए ने इन झाड़ियों को आशियाना बनाया हुआ है। दिन में तेंदुए इन झाड़ियों में छिपे रहते हैं। शाम होते ही आबादी वाले क्षेत्रों के पास आ जाते हैं। गत वर्ष भी तेंदुआ गणाऊं के एक घर में घुस गया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच कर तेंदुए को पिंजड़े में कैद कर रेस्क्यू सेंटर भेजा था। उन्होंने गांव में पिंजड़ा लगाने की मांग की।
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-- कोट ---
लमगड़ा विकासखंड के अंतर्गत कई गांवों में तेंदुए का आतंक होने की सूचना मिलने पर वन कर्मियों को मौके पर भेज दिया गया है। जिन पशुपालकों के बैल, बछिया और मवेशियों को तेंदुए ने मारा है उन्हें विभागीय मानकों के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा। - भूपाल सिंह किरौला, वन क्षेत्राधिकारी देवीधुरा।