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निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने का कारण बताना होगा
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अल्मोड़ा। नए शिक्षा सत्र में निजी विद्यालयों को फीस बढ़ाने का कारण शिक्षा विभाग को बताना होगा। अन्यथा शिक्षा विभाग ऐसे विद्यालायों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। निजी विद्यालय पिछले शिक्षा सत्र के सापेक्ष नए शिक्षा सत्र में दस फीसदी से अधिक फीस किसी भी हालत में नहीं बढ़ा सकते हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने बताया कि यदि कोई विद्यालय पिछले शिक्षा सत्र के सापेक्ष नए शिक्षा सत्र में शुल्क में बढ़ोतरी करता है तो इसका कारण बताना होगा। अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। निजी विद्यालय दस फीसदी तक ही शुल्क में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि यूनिफार्म विद्यालय से खरीदने के लिए बच्चों और अभिभावकों पर दबाव नहीं डाला जा सकता है। यदि फीस अधिक बढ़ाने और बच्चों के लिए विद्यालय से कापी-किताब और यूनिफार्म विद्यालय से खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालने संबंधी शिकायत मिली तो ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इधर नए शिक्षा सत्र में बुकसेलरों की दुकानों में कापी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों की भीड़ लगी हुई है। पिछले साल के मुकाबल कापी किताबों के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। जिससे अभिभावकों में आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।
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नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है। निजी विद्यालय पिछले शिक्षा सत्र के सापेक्ष नए शिक्षा सत्र में दस फीसदी से अधिक फीस किसी भी हालत में नहीं बढ़ा सकते हैं। मुख्य शिक्षा अधिकारी जगमोहन सोनी ने बताया कि यदि कोई विद्यालय पिछले शिक्षा सत्र के सापेक्ष नए शिक्षा सत्र में शुल्क में बढ़ोतरी करता है तो इसका कारण बताना होगा। अन्यथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। निजी विद्यालय दस फीसदी तक ही शुल्क में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि यूनिफार्म विद्यालय से खरीदने के लिए बच्चों और अभिभावकों पर दबाव नहीं डाला जा सकता है। यदि फीस अधिक बढ़ाने और बच्चों के लिए विद्यालय से कापी-किताब और यूनिफार्म विद्यालय से खरीदने के लिए अभिभावकों पर दबाव डालने संबंधी शिकायत मिली तो ऐसे विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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इधर नए शिक्षा सत्र में बुकसेलरों की दुकानों में कापी किताबें खरीदने के लिए अभिभावकों की भीड़ लगी हुई है। पिछले साल के मुकाबल कापी किताबों के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है। जिससे अभिभावकों में आर्थिक बोझ भी पड़ रहा है।