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पहाड़ी बकरियों का मांस देश-विदेश भेजा जाएगा
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अल्मोड़ा। पहाड़ी बकरी पालन से पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी। पहाड़ी नस्ल की बकरियों का मांस हिमालयन मीट ब्रांड से देश-विदेश में भेजा जाएगा। केंद्र सरकार ने राजकीय सहकारिता विकास निगम के माध्यम से उत्तराखंड के लिए कुल 3200 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की है। योजना के तहत बकरियों के नस्ल सुधार का कार्य भी होगा।
पर्वतीय क्षेत्र में काश्तकार जंगलों में बकरियों को चराने के लिए ले जाते हैं। बकरियों को जंगल का ही चारा खिलाया जाता है। जिसमें घास के साथ ही विभिन्न प्रकार का पौष्टिक चारा भी शामिल रहता है। इस कारण मैदानी क्षेत्र की अपेक्षा पहाड़ी बकरियों का मांस अधिक पौष्टिक होता है। राजकीय सहकारिता विकास निगम के माध्यम से सरकार पर्वतीय क्षेत्र में बकरी पालन को पशुपालकों की आजीविका का साधन बनाएगी।
योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में जिन पशुपालकों को पास 10 से अधिक पहाड़ी नस्ल की बकरियां हैं, ऐसे पशुपालकों की सोसायटी गठित की जा रही है। एक सोसाइटी में कम से कम दस पशुपालकों को शामिल किया जाना है।
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अल्मोड़ा जिले में पशुपालन विभाग अब तक 50 सोसाइटियां गठित कर चुका है। सोसाइटियों के माध्यम से पहाड़ी बकरियों के नस्ल सुधार का कार्य भी किया जाएगा। जिसमें सिरोही, बरबरी, ब्लैक बंगाल, जमनापारी नस्ल शामिल है। पहाड़ी बकरियों का मांस हिमालयन मीट ब्रांड से बिक्री किया जाएगा।
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पर्वतीय क्षेत्र में काश्तकार जंगलों में बकरियों को चराने के लिए ले जाते हैं। बकरियों को जंगल का ही चारा खिलाया जाता है। जिसमें घास के साथ ही विभिन्न प्रकार का पौष्टिक चारा भी शामिल रहता है। इस कारण मैदानी क्षेत्र की अपेक्षा पहाड़ी बकरियों का मांस अधिक पौष्टिक होता है। राजकीय सहकारिता विकास निगम के माध्यम से सरकार पर्वतीय क्षेत्र में बकरी पालन को पशुपालकों की आजीविका का साधन बनाएगी।
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योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में जिन पशुपालकों को पास 10 से अधिक पहाड़ी नस्ल की बकरियां हैं, ऐसे पशुपालकों की सोसायटी गठित की जा रही है। एक सोसाइटी में कम से कम दस पशुपालकों को शामिल किया जाना है।
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अल्मोड़ा जिले में पशुपालन विभाग अब तक 50 सोसाइटियां गठित कर चुका है। सोसाइटियों के माध्यम से पहाड़ी बकरियों के नस्ल सुधार का कार्य भी किया जाएगा। जिसमें सिरोही, बरबरी, ब्लैक बंगाल, जमनापारी नस्ल शामिल है। पहाड़ी बकरियों का मांस हिमालयन मीट ब्रांड से बिक्री किया जाएगा।