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बंदरों के साथ अब आवारा कुते बने लोगों की परेशानी
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अल्मोड़ा। शहर में बंदरों के साथ-साथ अब कुत्तों का आतंक भी काफी बढ़ गया है। दो दिन के भीतर बंदर और लावारिस कुत्तों ने आधा दर्जन से अधिक लोगों को काट लिया है। पिछले एक साल में करीब 1106 लोगों को बंदर, कुत्ते काट चुके हैं।
नवंबर में कुत्तों द्वारा इंसानों को काटने के 99, बंदर के काटने के चार, बिल्ली का एक और अन्य जानवरों के काटने के तीन मामले सामने आए थे। दिसंबर में भी कुत्ते के काटने के 89 मामले, बंदर के 11, बिल्ली का एक और अन्य जानवरों द्वारा काटने का एक मामला सामने आया। 2018 में इस तरह के 1106 प्रकरण सामने आ चुके हैं। जनवरी में तीन दिन के भीतर नौ मामले सामने आए।
नगर की अधिकतर गलियों, मालरोड समेत विभिन्न मार्गों पर लावारिस कुत्तों की भरमार है। छोटे बच्चों को काटने के मामले काफी ज्यादा हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि एनटीडी स्थित पशु चिकित्सालय में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तैयार किया जा रहा है। दो माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद नगर में घूमने वाले कुत्तों को पकड़कर यहां लाया जाएगा और उनकी नसबंदी की जाएगी।
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नवंबर में कुत्तों द्वारा इंसानों को काटने के 99, बंदर के काटने के चार, बिल्ली का एक और अन्य जानवरों के काटने के तीन मामले सामने आए थे। दिसंबर में भी कुत्ते के काटने के 89 मामले, बंदर के 11, बिल्ली का एक और अन्य जानवरों द्वारा काटने का एक मामला सामने आया। 2018 में इस तरह के 1106 प्रकरण सामने आ चुके हैं। जनवरी में तीन दिन के भीतर नौ मामले सामने आए।
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नगर की अधिकतर गलियों, मालरोड समेत विभिन्न मार्गों पर लावारिस कुत्तों की भरमार है। छोटे बच्चों को काटने के मामले काफी ज्यादा हैं। पालिका के अधिशासी अधिकारी श्याम सुंदर ने बताया कि एनटीडी स्थित पशु चिकित्सालय में एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर तैयार किया जा रहा है। दो माह में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। उसके बाद नगर में घूमने वाले कुत्तों को पकड़कर यहां लाया जाएगा और उनकी नसबंदी की जाएगी।
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