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दुग्ध माप और जांच मशीन खरीद की हो जांच
Updated Mon, 09 Jul 2018 11:28 PM IST
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अल्मोड़ा। दुग्ध उत्पादकों और दुग्ध सचिवों की हुई बैठक में वक्ताओं ने दुग्ध माप और जांच मशीन खरीद की जांच की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान में सरकार द्वारा दुग्ध समितियों में दुग्ध माप और जांच मशीन (डीपीएमसीयू) लगाई जा रही है, जिसकी गुणवत्ता ठीक नहीं हैं। आरोप लगाया कि इस मशीन से दुग्ध की जांच सही नहीं हो रही है। इससे समितियों में वाद विवाद की स्थिति हो रही है।
उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ में घाटे की दुहाई देते हुए दुग्ध क्रय मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। वहीं प्रबंध कमेटी के कार्यकाल के अंतिम चरण में प्रशिक्षण के नाम से भ्रमण कराकर लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं। पुणे में केवल दो दिन के प्रशिक्षण के नाम पर विमान यात्रा कराकर धन का दुरुपयोग किया गया है।
मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। उन्होंने कहा कि साधारणतया समितियों में चुनाव होने के बाद चयनित प्रतिनिधि दुग्ध संघ के चुनाव में मतदाता होते हैं, किंतु इस बार चुने प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिवर्ष दूध देने के दिनों की जांच की जा रही है, जिसका सहकारिता अधिनियम में कोई प्रविधान नहीं हैं। जिससे प्रतीत होता है कि चुने प्रतिनिधियों को निर्वाचन से हटाने की साजिश की जा रही है। बाद में मांगों को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री, दुग्ध विकास मंत्री, जिलाधिकारी, प्रधान प्रबंध दुग्ध संघ को भेजे गए। बैठक में गिरीश चंद्र खोलिया, कुंदन सिंह, गीता देवी, विमला देवी, मोहन सिंह चौहान, देवेंद्र सिंह, राहुल गुणवंत आदि उपस्थित थे।
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उन्होंने कहा कि दुग्ध संघ में घाटे की दुहाई देते हुए दुग्ध क्रय मूल्य नहीं बढ़ाया जा रहा है। वहीं प्रबंध कमेटी के कार्यकाल के अंतिम चरण में प्रशिक्षण के नाम से भ्रमण कराकर लाखों रुपये खर्च कर दिए हैं। पुणे में केवल दो दिन के प्रशिक्षण के नाम पर विमान यात्रा कराकर धन का दुरुपयोग किया गया है।
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मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई। उन्होंने कहा कि साधारणतया समितियों में चुनाव होने के बाद चयनित प्रतिनिधि दुग्ध संघ के चुनाव में मतदाता होते हैं, किंतु इस बार चुने प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिवर्ष दूध देने के दिनों की जांच की जा रही है, जिसका सहकारिता अधिनियम में कोई प्रविधान नहीं हैं। जिससे प्रतीत होता है कि चुने प्रतिनिधियों को निर्वाचन से हटाने की साजिश की जा रही है। बाद में मांगों को लेकर ज्ञापन मुख्यमंत्री, दुग्ध विकास मंत्री, जिलाधिकारी, प्रधान प्रबंध दुग्ध संघ को भेजे गए। बैठक में गिरीश चंद्र खोलिया, कुंदन सिंह, गीता देवी, विमला देवी, मोहन सिंह चौहान, देवेंद्र सिंह, राहुल गुणवंत आदि उपस्थित थे।
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